देश में खाद्य गुणवत्ता नियंत्रण मजबूत, पिछले तीन वर्षों में 1.7 लाख से अधिक नमूनों की जांच:मदन राठौड़
जयपुर | भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ द्वारा राज्यसभा में पूछे गए प्रश्न के उत्तर में केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री श्री प्रतापराव जाधव ने जानकारी दी कि देश में खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा वैज्ञानिक मानकों के आधार पर खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण, वितरण, बिक्री एवं आयात को विनियमित किया जाता है। उन्होंने बताया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के अंतर्गत खाद्य सुरक्षा से संबंधित नियमों का कार्यान्वयन मुख्य रूप से राज्य एवं केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों द्वारा किया जाता है। राज्यों में नियुक्त नामित अधिकारी (DO) तथा खाद्य सुरक्षा अधिकारी (FSO) खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर अधिनियम के प्रावधानों के अनुपालन को सुनिश्चित करते हैं। राज्यमंत्री ने जानकारी दी कि पिछले तीन वर्षों में FSSAI द्वारा खाद्य गुणवत्ता की जांच के लिए बड़ी संख्या में नमूने लिए गए हैं। वर्ष 2024-25 में 1,70,535, वर्ष 2023-24 में 1,70,513 तथा वर्ष 2022-23 में 1,77,511 खाद्य नमूनों का परीक्षण किया गया। इसके साथ ही खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुपालन को मजबूत करने के लिए जोखिम आधारित निरीक्षणों को भी बढ़ाया गया है। पिछले तीन वर्षों में किए गए जोखिम आधारित निरीक्षणों की संख्या लगातार बढ़ी है
2022-23 : 11,904 निरीक्षण
2023-24 : 18,098 निरीक्षण
2024-25 : 26,267 निरीक्षण
राज्यमंत्री ने बताया कि खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित खाद्य व्यवसाय संचालकों (FBO) के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत दंडात्मक और नियामक कार्रवाई की जाती है, जिसमें सुधार नोटिस, जुर्माना तथा गंभीर मामलों में अभियोजन जैसी कार्रवाई शामिल है। राज्यवार आंकड़ों के अनुसार राजस्थान में भी खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुपालन के लिए व्यापक जांच और कार्रवाई की गई है। वर्ष 2024-25 में 13,840 नमूनों की जांच, वर्ष 2023-24 में 18,536 नमूनों की जांच तथा वर्ष 2022-23 में 13,184 नमूनों की जांच की गई। इन मामलों में नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई भी की गई। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद मदन राठौड़ ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा खाद्य सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों से देश में खाद्य गुणवत्ता, उपभोक्ता सुरक्षा और सार्वजनिक स्वास्थ्य की रक्षा सुनिश्चित हो रही है। उन्होंने कहा कि FSSAI की निगरानी व्यवस्था और राज्यों की सक्रिय भूमिका से मिलावट और मानकों के उल्लंघन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित हो रहा है।