विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट, 690 अरब डॉलर के करीब पहुंचा आंकड़ा
नई दिल्ली। देश के विदेशी मुद्रा भंडार में एक बार फिर गिरावट दर्ज की गई है। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, 1 मई को समाप्त सप्ताह में भंडार 7.79 अरब डॉलर घटकर 690.69 अरब डॉलर रह गया। इससे पहले भी 24 अप्रैल को समाप्त सप्ताह में इसमें 4.82 अरब डॉलर की गिरावट दर्ज की गई थी।
आरबीआई के मुताबिक, इस दौरान विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों (FCA) में 2.79 अरब डॉलर की कमी आई और यह घटकर 551.82 अरब डॉलर रह गईं। यह घटक विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा होता है और वैश्विक मुद्रा उतार-चढ़ाव से सीधे प्रभावित होता है।
इसके अलावा, देश के स्वर्ण भंडार में भी बड़ी गिरावट देखने को मिली। रिपोर्ट के अनुसार, गोल्ड रिजर्व का मूल्य 5.02 अरब डॉलर घटकर 115.22 अरब डॉलर पर आ गया। सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव का असर इस आंकड़े पर स्पष्ट रूप से देखा गया।
हालांकि कुछ हिस्सों में मामूली बढ़ोतरी भी दर्ज की गई। विशेष आहरण अधिकार (SDR) 1.5 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.79 अरब डॉलर हो गए, जबकि अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) के पास भारत का आरक्षित भंडार 80 लाख डॉलर बढ़कर 4.86 अरब डॉलर पहुंच गया।
गौरतलब है कि इस साल 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार अब तक के रिकॉर्ड स्तर 728.49 अरब डॉलर तक पहुंच गया था। हालांकि उसके बाद से इसमें उतार-चढ़ाव का सिलसिला जारी है।
विशेषज्ञों के अनुसार, वैश्विक बाजार की अनिश्चितता, डॉलर की मजबूती और सोने की कीमतों में बदलाव का सीधा असर भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर पड़ता है। फिलहाल भंडार मजबूत स्तर पर बना हुआ है, लेकिन हालिया गिरावट पर नजर बनाए रखना जरूरी माना जा रहा है।