सेबी का बड़ा फैसला : आईआरआरए ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म तुरंत बंद
नई दिल्ली। बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने गुरुवार को इन्वेस्टर रिस्क रिडक्शन एक्सेस (आईआरआरए) प्लेटफॉर्म को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया। सेबी ने कहा कि ट्रेडिंग इकोसिस्टम में तकनीकी मजबूती बढ़ने के कारण अब इस प्लेटफॉर्म की जरूरत नहीं रह गई थी।
सेबी ने एक सर्कुलर में कहा कि स्टॉक एक्सचेंजों ने नियामक को जानकारी दी थी कि अक्टूबर 2023 में शुरू होने के बाद से ब्रोकर्स ने आईआरआरए प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं किया। नियामक ने बताया कि मजबूत रेगुलेटरी उपायों, तकनीकी अपग्रेड और वैकल्पिक व्यवस्थाओं की उपलब्धता के कारण यह प्लेटफॉर्म अब अनावश्यक हो गया है। आईआरआरए ढांचा दिसंबर 2022 में इस उद्देश्य से शुरू किया गया था कि यदि किसी ब्रोकर के सिस्टम में तकनीकी दिक्कत आए तो ट्रेडिंग के लिए एक वैकल्पिक एक्सेस प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराया जा सके। हालांकि, सेबी ने कहा कि बाद में हुए तकनीकी और परिचालन सुधारों से सिस्टम की निरंतरता काफी मजबूत हुई है, जिससे इस बैकअप प्लेटफॉर्म की आवश्यकता कम हो गई। नियामक के अनुसार, स्टॉक एक्सचेंजों ने प्लेटफॉर्म की उपयोगिता का आकलन करने के बाद सर्वसम्मति से इसे बंद करने की सिफारिश की थी। सेबी ने कहा कि अब ब्रोकर्स बेहतर सिस्टम का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिनमें मजबूत बिजनेस कंटिन्युटी और डिजास्टर रिकवरी मानक, बेहतर साइबर सुरक्षा और रेजिलिएंस फ्रेमवर्क, तथा मार्केट सिक्योरिटी ऑपरेशंस सेंटर (एम-एसओसी) का कार्यान्वयन शामिल है। नियामक ने यह भी बताया कि ब्रोकर्स के ट्रेडिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर में काफी सुधार हुआ है। अब प्राइमरी और वैकल्पिक साइट के बीच आसानी से स्विच किया जा सकता है। साथ ही स्वतंत्र 'कोल्ड साइट्स' भी विकसित की गई हैं, जो तकनीकी गड़बड़ी के दौरान सेवाओं को बिना रुकावट जारी रखने में मदद करती हैं। आईआरआरए प्लेटफॉर्म को बंद करने के बावजूद, सेबी ने स्टॉक एक्सचेंजों को कंटिजेंसी पूल ट्रेडिंग सुविधा की समीक्षा करने और उसे और मजबूत बनाने का निर्देश दिया है। यह सुविधा तकनीकी व्यवधान के समय वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में काम करती रहेगी। इस बीच, इसी सप्ताह बाजार नियामक ने 'महत्वपूर्ण सूचकांकों' के इंडेक्स प्रदाताओं को छह महीने के भीतर उसके साथ पंजीकरण कराने का निर्देश दिया था। यह कदम इंडेक्स के संचालन और प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने के लिए उठाया गया है। हालांकि, जिन इंडेक्स प्रदाताओं के सूचकांकों को भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 'महत्वपूर्ण बेंचमार्क' या 'अधिकृत बेंचमार्क' घोषित किया है, उन्हें इस नियम से छूट दी गई है।