गणेश चतुर्थी का पर्व धूमधाम से मनाया
सरवाड़। कस्बे के शिव सागर की पाल पर स्थित प्राचीन मन्सापूर्ण गणेश मन्दिर मंगलवार को भगवान गणेश के जयकारो से गूंज उठा। मौका था रिद्वी सिद्वी दायक गणपति जन्मोत्सव का। सेकड़ो की तादाद में श्रद्वालुओं गणेश भगवान के मोदक का भोग लगाकर पूजा अर्चना की। पर्व के मोके पर मंदिर के बाहर परम्परागत तरीके से मेले का आयोजन हुआ जिसमें झूले-चकरी आदि का लोगो ने आंनंद लिया। चाट-पकौड़ी, खेल-खिलौने व गुब्बारे की दुकानों पर भीड़ लगी रही। मंगलवार को प्रात: मगंला आरती के पश्ताच मन्दिर के पट बन्द हुए जो दोपहर सांढे बारह बजे जन्मोत्सव आरती व श्रंृगार दर्शन पर खुलेे। शाम चार बजे भगवान गणेश प्रतिमा का विशेष श्रृंगार किया गया। इस द्वौरान विशेष झांकी के दर्शन को लेकर श्रृद्वाओं में होड़ सी मची रही । साढे सांत बजे संध्या कालीन आरती की गई। पर्व पर घरो में ग्रहणियों ने मिठे पक्वान बनाकर गणपति के भोग लगाया। मन्दिर पुजारी द्वारा प्रसाद वितरित किया गया। इससे पूर्व रात्रि को मंदिर परिसर में विशाल भजन संध्या आयोजित की गई जिसमें भजन गायको ने एक से बढ़क एक प्रस्तुति देेकर सभी को भाव-विभौर कर दिया। इस दौरान मंदिर पुजारी पंडित गोविन्द वल्लभ शर्मा, हरिमोहन शर्मा, प्रेमनारायण शर्मा, संजय शर्मा, कन्हैयालाल शर्मा, पूर्व पालिकाध्यक्ष शंकर सिंह राठौड़, भगवान प्रसाद भट्ट, रामस्वरूप वैष्णव, अजय पारीक, मयंक मेवाडा, प्रहलाद माली, लक्ष्मीकांत लढ्ा, धर्मदास हरवाणी, गोपाल सिंह, जगदीश रेगर, मुकुट बिहारी शर्मा, प्रेम नारायण शर्मा, राजेश शर्मा, चंद्रनारायन शर्मा,रामिल वैद्य, सौरभ वैध, अभिषेक शर्मा, प्रियांशु पंचोली,परमेश्वर प्रसाद मिश्र, पुरुषोत्तम योगी,अमित जैन, शिव प्रसाद लड्ढा, सहित बड़ी संख्या में श्रद्वालु मोजूद थें।