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गुरु की महिमा भगवान से भी बढ़कर - देवनानी

गुरु की महिमा भगवान से भी बढ़कर - देवनानी

गुरु पूर्णिमा पर 11 संतो के चरण वंदन कर लिया आशीर्वाद


अजमेर । गुरु पूर्णिमा के मौके पर पूर्व शिक्षा राज्य मंत्री और अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी ने 11 संतो के पास पहुंचकर उनका श्रीचरण वंदन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। देवनानी ने निंबर्ककोट स्थित निंबकाचार्य जगतगुरु पीठाधीश श्री श्याम शरण महाराज के दर्शन कर उनका आशीर्वाद लिया। इसके बाद उन्होंने मसानिया भैरव राजगढ़ धाम के परम पूज्य महाराज चंपालाल जी के दर्शन किए, साथ ही नरसिंह मंदिर होलिदडा के महन्त श्याम सुंदरशरण देवाचार्य, प्रेमप्रकाश आश्रम के स्वामी ब्रह्मानंद शास्त्री, मेहंदीपुर बालाजी कोटड़ा धाम के महंत विष्णु कुमार जोशी, श्री ईश्वर मनोहर उदासीन आश्रम अजयनगर के महंत स्वरूप दास महाराज, झूलेलाल धाम ट्रस्टी प्रभु लौंगानी, जतोई दरबार महाराज फतन दास, पुरानी मंडी स्थित श्री राम द्वारा उत्तम राज जी, गंज  स्थित सन्यास आश्रम के भी चरण वंदन किए।
देवनानी ने संतो और गुरुओं के यहां मत्था टेक परिवार और समाज में खुशहाली की प्रार्थना और आशीर्वाद लिया। उन्होंने चर्चा करते हुए कहा की शास्त्रों में भी कहा गया है की गुरु की महिमा भगवान से बढ़कर है। स्वयं भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण ने धरती पर अवतार लेकर गुरुओं की सेवा की है और उनके सानिध्य में रहकर ज्ञान अर्जित किया है। उन्होंने कहा की भगवान की कृपा के बिना गुरु नही मिलते और गुरु के बिना ज्ञान नही मिलता। भारतीय सनातन संस्कृति में गुरु का महत्व सर्वोपरि है। व्यक्ति के जीवन में तीन गुरु आते है जिसमे सबसे पहले माता पिता होते है जो लालन पालन कर जीवन की डगर में आगे बढ़ाते है, दूसरा शिक्षक के रूप में गुरु होते है जो सांसारिक ज्ञान प्रदान कर निखारते है और अंत में आध्यात्मिक गुरु होते है जो कर्मो के द्वंद से बाहर निकालकर आत्मा में स्थिर होना सिखाते है।

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