‘ज्ञानेश कुमार का अविलंब इस्तीफा हो, मोदी-शाह करें हस्तक्षेप’— गहलोत
जयपुर। राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अशोक गहलोत ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। गहलोत ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में श्री ज्ञानेश कुमार का अविलंब इस्तीफा होना चाहिए और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को इस मामले में तत्काल हस्तक्षेप कर उनका इस्तीफा करवाना चाहिए। चुनाव आयोग को लेकर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों और हालिया विवादों के संदर्भ में मीडिया से बातचीत करते हुए गहलोत ने कहा कि एक समय भारतीय निर्वाचन आयोग की साख न केवल देश में बल्कि पूरी दुनिया में स्थापित थी। दुनिया के कई देशों में चुनाव के दौरान भारतीय निर्वाचन आयोग से मार्गदर्शन और सहयोग लिया जाता था। लेकिन उनके अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के कार्यकाल में लिए गए फैसलों से आयोग की निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। गहलोत ने राहुल गांधी द्वारा वोटों की चोरी और SIR को लेकर पहले से उठाए जा रहे सवालों का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय इन बातों पर ध्यान नहीं दिया गया, लेकिन अब धीरे-धीरे कई सवाल सामने आ रहे हैं। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की प्रेस कॉन्फ्रेंस की भाषा और शैली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि विपक्षी दलों का सम्मान करना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी है। उनके मुताबिक, मौजूदा परिस्थितियों में आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर विपक्ष सहित विभिन्न वर्गों में असंतोष है। गहलोत ने द इंडियन एक्सप्रेस में प्रकाशित रिपोर्ट का हवाला देते हुए आयोग के भीतर आपत्तियों और मतभेदों से जुड़े दावों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि यदि निर्वाचन आयोग जैसी संवैधानिक संस्था के भीतर ही गंभीर मतभेद सामने आते हैं तो यह चिंता का विषय है। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर ही सवाल खड़े होने लगें तो लोकतंत्र की विश्वसनीयता प्रभावित होती है। उन्होंने SIR के दौरान मतदाताओं के नाम हटाए जाने को लेकर भी चिंता जताई और पश्चिम बंगाल की स्थिति का उल्लेख किया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर आयोग के दावे पर सवाल
गहलोत ने चुनाव आयोग की ओर से जारी सफाई का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा अपने फैसले को ‘अपहोल्ड’ किए जाने का दावा किया, जबकि उनके अनुसार सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने ऐसा कोई फैसला बरकरार नहीं रखा और न ही इस संबंध में कोई टिप्पणी की। गहलोत ने कहा कि ऐसी स्थिति में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे का सवाल उठता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से इस मामले में हस्तक्षेप करने की मांग करते हुए कहा कि इससे एक अध्याय बंद होगा और पक्ष-विपक्ष अपनी-अपनी भूमिका निभा सकेंगे।
‘लोकतंत्र पर संकट की स्थिति नहीं बननी चाहिए’
गहलोत ने कहा कि चुनाव प्रणाली और लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता भारत की वैश्विक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा रही है। ऐसे में चुनाव आयोग को लेकर उठ रहे सवालों का असर देश की लोकतांत्रिक छवि पर भी पड़ सकता है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के एक न्यायाधीश की कथित टिप्पणी ‘अगली बार वोट दे देंगे’ का भी उल्लेख किया और कहा कि यदि कोई मतदाता इस बार मतदान से वंचित रह गया है तो अगली बार वोट देने की बात लोकतांत्रिक अधिकार के संदर्भ में उचित संदेश नहीं देती। अंत में गहलोत ने दोहराया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को तत्काल हस्तक्षेप करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की दिशा में कदम उठाना चाहिए।