हरियाणा के मंत्री ने मांगा बृजभूषण का इस्तीफा
BJP सरकार में शामिल चौटाला बोले- सच सामने आना चाहिए, सिद्धू पहुंचे रेसलर्स के बीच
पानीपत . भारतीय कुश्ती संघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण सिंह की गिरफ्तारी के लिए दिल्ली में जंतर मंतर पर पहलवानों का धरना 9वें दिन जारी है। सोमवार को पंजाब कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व क्रिकेटर नवजोत सिद्धू रेसलर्स के बीच पहुंचे और BJP सांसद बृजभूषण को तुरंत अरेस्ट करने की मांग की। हरियाणा में BJP-JJP सरकार के मंत्री रणजीत चौटाला ने भी कहा कि बृजभूषण को इस्तीफा दे देना चाहिए।
हरियाणा के बिजली और जेलमंत्री रणजीत चौटाला ने कहा कि इन खिलाड़ियों ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का मान बढ़ाया है। ऐसे खिलाड़ियों को धरने पर बैठना पड़े, यह सही नहीं है। मामले की सच्चाई जल्द सामने आनी चाहिए और बृजभूषण को इस्तीफा दे देना चाहिए।
2019 के विधानसभा चुनाव में निर्दलीय जीतने वाले रणजीत चौटाला ने हरियाणा में BJP-JJP सरकार को समर्थन दे रखा है। चौटाला से पहले हिसार से ही BJP के लोकसभा सांसद बृजेंद्र सिंह पहलवानों का समर्थन कर चुके हैं।
तमिलनाडु CM बोले- DMK पहलवानों के साथ
तमिलनाडू के सीएम और DMK नेता एमके स्टॉलिन ने पहलवानों की मांगों का समर्थन किया है। सोमवार को स्टॉलिन ने अपने ट्वीट में लिखा, भारत का मान बढ़ाने वाले भारतीय पहलवानों को यौन उत्पीड़न के सामने आत्मसम्मान की रक्षा के लिए विरोध करने के लिए मजबूर होना दिल को दहला देने वाला है। आज हमारी पार्टी की ओर से हमारे सांसद इन रेसलर्स से मिले। हम न्याय के लिए अपने पहलवानों के साथ खड़े रहेंगे।
नवजोत बोले- गैरजमानती धारा तो अरेस्ट क्यों नहीं किया
सोमवार दोपहर को पहलवानों के बीच पहुंचे कांग्रेस नेता नवजोत सिद्धू ने कहा, मैं अपने खिलाड़ियों के लिए आया हूं। ये रील हीरो नहीं, रियल हीरो हैं। किसी भी केस की बुनियाद FIR होती है। सवाल ये है कि 10 दिन क्यों लगे। उस अफसर पर भी कार्रवाई होनी चाहिए जिसने देरी की। दोषी बड़े पद पर है। वह किसी का भी करियर बिगाड़ सकता है, धमका सकता है। ऐसे में फेयर जांच की उम्मीद कैसे करें।
सिद्धू ने पूछा कि पॉक्सो एक्ट में हुई FIR जमानती नहीं है। फिर गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई। उसे अरेस्ट कर पूछताछ होनी चाहिए। अगर ज्यादा देर ये न्याय टला तो सिद्धू जान की बाजी लगाएगा।
पहलवानों का हौसला बढ़ाते हुए सिद्धू ने कहा कि शेरनियों की दहाड़ है इनकी। कितने ही बब्बर शेर क्यों न हो जाए, उनकी सवारी तो दुर्गा ही करती हैं। ये लड़ाई इनकी नहीं, घर-घर की लड़ाई है क्योंकि ये किसी के साथ भी हो सकता है।