क्यूबा पर हमले की अटकलों पर भड़का हवाना, अमेरिका को दो टूक जवाब
हवाना। संयुक्त राज्य अमेरिका के पास क्यूबा पर हमला करने का कोई ठोस कारण नहीं है। क्यूबा के उप विदेश मंत्री कार्लोस फर्नांडीज डी कोसियो ने कहा कि अगर ऐसा कदम उठाया गया, तो इससे सिर्फ मौत, तबाही और भारी नुकसान होगा। फर्नांडीज डी कोसियो ने अमेरिकी पत्रिका 'पॉलिटिको' की एक रिपोर्ट के जवाब में सोशल मीडिया 'एक्स' पर एक पोस्ट में लिखा, “क्या लोगों को मारने, घायल करने, तबाही फैलाने और दुख पैदा करना कोई सही वजह है? और वह भी तब, जब इसमें अपने ही पक्ष के लोगों की जान जाने का निश्चित जोखिम भी शामिल हो?” समाचार एजेंसी सिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने मैगजीन पर आरोप लगाया कि वह अमेरिका को युद्ध के लिए उकसा रही है। साथ ही उन्होंने इस दावे की आलोचना की कि अमेरिकी सेना क्यूबा पर हमला करने के लिए तैयार है और सिर्फ 'डोनाल्ड ट्रंप की आखिरी मंजूरी' का इंतजार कर रही है।
बुधवार को प्रकाशित 'पॉलिटिको' की रिपोर्ट में कहा गया था कि पेंटागन कई महीनों से उन सैनिकों और हथियारों की तैयारी कर रहा है, जिनकी मदद से अमेरिका क्यूबा पर सैन्य हमला कर सकता है।
2026 की शुरुआत से ही अमेरिका ने क्यूबा के खिलाफ कई नए कदम उठाए हैं। इनमें उन देशों पर पाबंदियां लगाना भी शामिल है जो क्यूबा को तेल सप्लाई करते हैं। इसके अलावा कई क्यूबाई संस्थाओं और अधिकारियों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए गए हैं।
अमेरिकी दक्षिणी कमांड ने 20 मई को घोषणा की थी कि निमिट्ज कैरियर स्ट्राइक ग्रुप कैरिबियन क्षेत्र में पहुंच चुका है। इसमें एयरक्राफ्ट कैरियर, उसका एयर विंग और कम से कम एक गाइडेड-मिसाइल डेस्ट्रॉयर शामिल है। ठीक उसी दिन, अमेरिकी न्याय विभाग ने क्यूबा क्रांति के नेता राउल कास्त्रो के खिलाफ मामला दर्ज किया। उन पर आरोप है कि उन्होंने साल 1996 में 'ब्रदर्स टू द रेस्क्यू' नाम के समूह के दो विमानों को गिराने में भूमिका निभाई थी।
हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय मीडिया ने यह भी रिपोर्ट किया है कि क्यूबा के आसपास अमेरिकी निगरानी और खुफिया उड़ानों में बढ़ोतरी हुई है।