आज बिरज में होरी रे रसिया
सरवाड़. मेरे बांके बिहारीलाल, तू इतना ना करियो शृंगार, नजर तोहे लग जाएगी तथा आज बिरज में होरी रे रसिया, जैसे गीतों की मधुर स्वर लहरियों ने महिला मंडल की ओर से आयोजित फगोत्सव की छटा बिखेरी। यहां पथवारी मार्ग पर स्थित निलकंठ मंंदिर में आयोजित फूलडोल महोत्सव कार्यक्रम में एक के बाद शानदार भजन प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। उनके भजन तेरी सब चिंता मिट जाए, कीर्तन की है रात बाबा आज थाने आणो है, राधिका गोरी से, बिरज की छोरी से, मैया करादे मेरो ब्याह तथा साँवरिया राखो मारी लाज, आई थारा चरणां में आदि भजन प्रस्तुत कर सभी को भाव-विभोर कर दिया। इस दौरान महिलाओं ने फूलों से होली खेली और सामूहिक कीर्तन के साथ भगवान को रिझाया। आरती पुष्पांजली के बाद प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान राजेश्वरी भूतड़ा, हेमशिखा धूपड, सकुन्तला चौधरी, टमा हेडा, लीला बांगड, पुष्पा बांगड, बरखा मूंद्डा, शिवकांता मालानी, क्रिष्णा झंवर, सरोज हेडा, सुधा चौधरी सहित महिलाओं ने भाग लिया।