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कैसे पकड़ा गया था 30 हजार करोड़ का घोटालेबाज तेलगी?

कैसे पकड़ा गया था 30 हजार करोड़ का घोटालेबाज तेलगी?

देश का सबसे बड़ा स्टांप का स्कैम करने वाले अब्दुल करीम तेलगी ने अपने धंधे की कमाने की शुरुआत राजस्थान के युवाओं को गलत तरीके से सऊदी अरब भेजकर की थी और उसका अंत भी राजस्थान में ही हुआ। एक हफ्ते तक पुलिसवाले बिजनेसमैन बनकर अजमेर की गलियों में घूमते रहे थे। दो रात रेलवे स्टेशन पर बिताई थी। जब कहीं भी तेलगी का सुराग नहीं मिला तो पुलिस टीम अजमेर दरगाह गई थी। वहां दरगाह की चौखट पर 30 हजार करोड़ रुपए का घोटालेबाज तेलगी बैठा मिला था। भास्कर की स्पेशल सीरीज की पहली किस्त में आपने पढ़ा तेलगी की शुरुआत कैसे हुई(अगर नहीं पढ़ा तो इस खबर के अंत में उसका लिंक है)। बॉलीवुड का दीवाना था, गोविंदा की 2 फिल्में डिस्ट्रीब्यूट की 30 हजार करोड़ का स्टांप पेपर घोटाला करने वाले अब्दुल करीम तेलगी को बाॅलीवुड की चकाचौंध पसंद थी। स्टांप पेपर की काली कमाई को वो फिल्मों में इंवेस्ट करना चाहता था। उसने अपनी बेटी के नाम से सना मूवीज इंटरनेशनल नाम से प्रोडक्शन कंपनी शुरू की थी। उसने दो फिल्में "एक थी बेचैनी" और "बीवी कमाल, साली धमाल" प्रोड्यूस की, लेकिन दोनों फ्लॉप हो गई। फिल्म प्रोडक्शन में करोड़ों का नुकसान उठाने के बाद उसने फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर का काम शुरू किया था। उसने गोविंदा की दो फिल्मों "जिस देश में गंगा रहता है" और "अंखियों से गोली मारे" के डिस्ट्रीब्यूटर का काम किया था। इसमें भी उसे करोड़ों का नुकसान हुआ था।पुणे पुलिस ने जब तेलगी के गिरफ्तार होने के बाद उसके पास से एक फ्लोपी डिस्क बरामद की तो पता लगा था कि उसने टीवी और फिल्मों पर कुल 11.5 करोड़ रुपए इंवेस्ट किए थे। करीम को बॉलीवुड हीरोइन जैसी दिखने वाली बार डांसर पसंद थी तेलगी को एक बार डांसर तरन्नुम खान पसंद थी। उसे लगता था कि वो माधुरी दीक्षित जैसी दिखती है। साल1992 में हुए सांप्रदायिक दंगों में तरन्नुम खान का घर और दुकान जल गई थी। 16 साल की उम्र से वो बार में डांस कर रही थी। तेलगी को लगता था कि उसकी और तरन्नुम की कहानी एक जैसी है। यही वजह थी कि उसने तरन्नुम को राजस्थान में करोड़ों की प्रॉपर्टी दिलाई। बार में तरन्नुम पर एक रात में 84 लाख रुपए उड़ाने के बाद पुलिस ने तेलगी पर नजर रखना शुरू कर दिया था। इसके दो महीने बाद ही तेलगी के साथी फर्जी स्टांप के साथ पकड़े गए थे। बेंगलुरु से शुरू हुई थी केस की इंवेस्टिगेशन बेंगलुरु पुलिस ने साल 2001 के अगस्त में कपाली टॉकिज के बाहर दो युवकों को 53 लाख के फर्जी स्टांप के साथ पकड़ा था। यहीं से तेलगी के स्टांप स्कैम की इंवेस्टिगेशन शुरू हुई थी। पुलिस ने दोनों से पूछताछ करके बदरु और विठ्‌ठल नाम के दो लोगों से साढे़ 8 करोड़ के फर्जी स्टांप पकड़े थे। दोनों से पूछताछ की तो फर्जी स्टांप बनाने वाले मास्टर माइंड अब्दुल करीम तेलगी उर्फ लाला का नाम सामने आया था। तेलगी का नाम सामने आने के बाद बेंगलुरु पुलिस ने उसकी तलाश शुरू कर दी थी। इधर तेलगी को पता लग गया कि बेंगलुरु पुलिस उसे गिरफ्तार करने मुंबई आ रही है। पुलिस के मुंबई पहुंचने से पहले ही तेलगी फरार हो गया था। दो दिन तक रेलवे स्टेशन पर इंतजार किया था
टीम ने दो दिन तक रेलवे स्टेशन पर तेलगी का इंतजार किया था। टीम अजमेर आने वाली हर ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों में तेलगी की तलाश करती थी। दो दिन के इंतजार के बाद टीम ने अजमेर के लॉन्ज, होटल, धर्मशाला में जाकर तलाश शुरू कर दी थी। एक हफ्ते तक उन्हें तेलगी नहीं मिला था। दुआ करने पहुंची पुलिस और वहीं मिल गया था करीम करीब एक हफ्ते तक अजमेर की हर गली में तलाश करने के बाद भी तेलगी नहीं मिला तो पुलिस टीम निराश हो गई थी। 7 नवंबर को आखिर में परेशान होकर टीम ने बेंगलुरु लौटने का तय किया था। लौटने से पहले टीम अजमेर दरगाह में दुआ के लिए गई थी। तेलगी की तलाश में परेशान इंस्पेक्टर जीए बावा के दरगाह में दुआ करते समय आंखों में आंसू आ गए थे। वापस मुड़ कर जाने लगे तो देखा एक शख्स नीचे बैठा था और दरवाजे को चूम रहा था। बावा ने अपनी जेब से करीम की फोटो निकाल कर देखा तो पता लगा कि वो शख्स तेलगी ही था। कंफर्म करने के लिए बावा ने आवाज लगाई ‘लाला’। तेलगी ने मुड़कर देखा तो पुलिस को यकीन हो गया कि ये तेलगी ही है। तेलगी ने पुलिस को छोड़ने के लिए करोड़ों रुपए का ऑफर दिया था पुलिस टीम ने तेलगी को दरगाह में पकड़ तो लिया, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती थी अगर उसे दरगाह से गिरफ्तार करके ले जाते तो लोग विरोध कर सकते थे और करीम इसका फायदा उठाकर भाग जाता। इस पर पुलिस टीम ने तेलगी को कहा था कि वो उनके साथ बाहर चले। तेलगी ने विरोध नहीं किया और वो टीम के साथ उस लॉन्ज में गया, जहां वो रुका हुआ था। लॉन्ज में तलाशी के दौरान पुलिस को 35 लाख रुपए, शेयर सर्टिफिकेट, गोल्ड चेन मिली थी। तेलगी ने उसे छोड़ने के बदले में पुलिस को करोड़ों रुपए की रिश्वत देने की कोशिश की थी। लेकिन पुलिस टीम तेलगी को गिरफ्तार करके बेंगलुरु ले गई थी। इसके बाद तेलगी कभी जेल से बाहर नहीं आ सका। 

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