सिंधी समाज कीअनदेखी करना राजनीतिक पार्टियों को भारी पड़ सकता है
पदमपुर विधानसभा चुनाव में सिंधी समाज की अनदेखी करना राजनीतिक पार्टियों को भारी पड़ सकता है । समाज कई दशकों से राजनीतिक पार्टीयों की अनदेखी का शिकार प्रतिनिधित्व नहीं मिलने के कारण हो रहा है । जबकि जिले की हर मंडी व ग्राम पंचायत क्षैत्र मे हजारों की संख्या में समाज के लोग भारत की अर्थव्यवस्था को मजबूत व राष्ट्र के विकास में बहुत बडा योगदान देने मे सदेव आगे रहे है । राजनीतिक पार्टियों से प्रतिनिधित्व नहीं मिलने पर समाज ने बड़ा निर्णय लेते हुए 22 अक्टूबर को श्रीगंगानगर के झूलेलाल मंदिर में बडी बैठक बुलाई गई है । जिसको लेकर जिले की प्रत्येक मंडी में समाज के प्रमुख एवं पूज्य सिंधी पंचायत अध्यक्ष रमेश मूलवानी , प्रेम अनुपानी श्रीगंगानगर , घनश्याम हरवानी , राजकुमार सचदेवा सहित अन्य प्रतिनिधियों ने बेठके कर समाज के प्रतिनिधियों को अधिक संख्या मे पहुंचने के लिए आमंत्रित किया गया है । बैठक में विधानसभा चुनाव को लेकर आगामी रणनीति तैयार कर प्रत्येक विधानसभा में सम्मेलन होगे ।
सिन्धी समाज में सामाजिक सौहार्द एवं समरसता स्थापित करने के लिए विधानसभा क्षेत्र से समाज को अब तक राजनीतिक पार्टियों से प्रतिनिधित्व नही मिलने से समाज मे आक्रोश उत्पन्न है , समाज ने हमेशा शांतिदूत बनकर प्रत्येक क्षेत्र में सकारातमक भूमिका निभाई है ऐसे समाज की अनदेखी करना विधानसभा चुनाव में राजनीतिक पार्टियों को भारी पड़ सकता है । जिला स्तर पर संगठन को स्थापित करने के लिए समाज ने एकजुटता दिखाते हुए व्यक्तिगत स्वार्थ एवं महत्वकांक्षा से ऊपर उठकर समाज हित में एक साथ आकर बेठक को सफल बनाने का निर्णय कर 22 अक्टूबर रविवार को श्रीगंगानगर में अधिक संख्या में पहुंचने का निर्णय लिया है । लालचंद बादलनी , रमेश फुलिया , रमेश भदरा , श्याम गजरा ,धर्मदास सोमानी ,रमेश आसवानी , जगदीश सूर्यवशी , श्याम गजरा केसरीसिंपुर , जीवतराम डेलवां सहित अन्य समाज के प्रमुख लोगों ने श्रीगंगानगर पूज्य सिंधी पंचायत द्रारा सामाज हित में उठाए गए सकारात्मक प्रयासों की प्रशंसा करते हुए कहा कि बिना राजनीतिक समाज विकसित असंभव है ।