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संस्कृति के निर्माण में  संस्कार का महत्वपूर्ण योगदान  : प्रो आर्य 

संस्कृति के निर्माण में  संस्कार का महत्वपूर्ण योगदान  : प्रो आर्य 

 
अज़मेर । विश्वविद्यालय की दयानंद शोध पीठ एवं विश्वविद्यालय अनुदान आयोग द्वारा स्वीकृत वैदिक यज्ञ एवं महर्षि दयानंद सरस्वती पर एक विशेष व्याख्यानमाला का आयोजन किया गया , जिसमें मुख्य वक्ता प्रो रवि प्रकाश आर्य चेयर प्रो महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय रोहतक थे , प्रो आर्य ने संस्कृति को बनाए रखने पर विशेष बल देते हुए कहा की संस्कृति के निर्माण में संस्कार का महत्वपूर्ण योगदान है, संस्कार का प्रभाव मनुष्य के मन पर होता है एवं जैसा मन में होगा वैसा ही मन में भाव होगा उसी के आधार पर मनुष्य संस्कृति का निर्माण करता है हमारी संस्कृति वेदिक संस्कृति है एवं वेद की शिक्षा आज भी प्रासंगिक है वेदों की शिक्षा का पालन करने से हमारी संस्कृति आज भी जीवित है, जबकि विश्व में अनेक संस्कृतियों का जन्म हुआ और जिस प्रकार उनका जन्म हुआ उसी प्रकार उन संस्कृतियों का विनाश भी हो गया l हम वसुदेव कुटुंबकम के सिद्धांत में विश्वास करते हैं साथ ही सर्वे भवंतु सुखिनः से समस्त जगत में सुख समृद्धि हो इसकी प्रतिदिन ईश्वर से प्रार्थना करते हैं l
महर्षि दयानंद शोध पीठ के चेयर  प्रो नरेश धीमान ने मुख्य वक्ता  प्रो आर्य का स्वागत एवं परिचय दिया एवं शोधपीठ निर्देशिका प्रो रितु माथुर ने मुख्य वक्ता को मोमेंटो भेटकर स्वागत किया, पूर्व निदेशक प्रो प्रवीण माथुर ने प्रो आर्य का शाल ओढा कर स्वागत किया , पर्यावरण विभाग के प्रभारी प्रो सुब्रतो दत्ता ने प्रो रवि प्रकाश आर्य का माल्यार्पण कर स्वागत किया l कार्यक्रम में विश्वविद्यालय की शिक्षा विभाग के  शिक्षार्थीगण शिक्षक एवं अधिकारी ,शिक्षक ,कर्मचारी उपस्थित रहे l
कार्यक्रम का संचालन डॉ केके शर्मा ने किया l

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