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चार दिवसीय आराग्य मेले का शुभारम्भ

चार दिवसीय आराग्य मेले का शुभारम्भ

आयुर्वेद पद्धती से रोग का स्थाई निदान संभव यह आज भी आमजन में लोकप्रिय- जिला कलक्टर

आरोग्य मेले का लाभ आमजन को अधिक से अधिक मिले- अमित धारीवाल

 

कोटा । संभाग स्तरीय चार दिवसीय आरोग्य मेले का शुभारम्भ जिला कलक्टर ओपी बुनकर की अध्यक्षता एवं समाजसेवी अमित धारीवाल के मुख्य आतिथ्य में गुरूवार को आयुर्वेद अस्पताल परिसर में किया गया।
जिला कलक्टर ने कहा कि आयुर्वेद जीवन पद्धति है इसकी विश्वनीयता एवं रोग का स्थाई निदान करने के कारण आमजन में आज भी लोकप्रिय है। इसका कोई दुष्परिणाम भी नही होता है आमलोगों की स्वस्थ्य जीवनचर्या के लिए इसका प्रचार प्रसार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि आयुष पद्धति में रोगों के स्थाई निदान के साथ निरोगी जीवन शैली के लिए योग क्रियाओं के महत्व से अब आम नागरिक परिचित हो रहे है। स्वस्थ्य शरीर के लिए प्रातः भ्रमण से लेकर योग को जीवन में अपना रहे है। उन्होंने व्यसन एवं नशामुक्ति के लिए भी आयुष पद्धति से लोगों को व्यसन त्यागने के लिए प्रेरित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने चार दिवसीय आरोग्य मेले में दी रही सेवाओं एवं परामर्श के बारे में प्रचार प्रसार कर अधिक से अधिक लोगों को लाभान्वित करने का आव्हान किया।
समाजसेवी अमित धारीवाल ने कहा कि आयुर्वेद चिकत्सिा पद्धति देश के सबसे पुरानी एवं विश्वसनीय पद्धति है। वर्तमान में इसमें अनेक रिसर्च एवं नवाचार हुए है जिसका लाभ आम लोगों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि आयुर्वेद में गर्भ के शिशु से बुर्जगों के इलाज की सफल पद्धति है। स्वस्थ्य एवं संस्कारवान शिशु के लिए माताओं को पोष्टिक भोजन एवं अच्चे विचारों के साहित्य के लिए भी प्रेरित करना चाहिए जिससे संस्कारवान शिशु जन्म लें। उन्होंने कहा कि सरकार स्वास्थ्य के क्षेत्र में देशभर में अदभुत चिरजीवी योजना लेकर आई है इससे आमजन को 25 लाख तक के इलाज की कैशलेस सुवाओं को लाभ मिलेगा। उन्होंने आरोग्य मेले को उपयोगी बताते हुए कहा कि प्रत्येक वार्ड में माईक के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया जाये जिससे अधिक से अधिक लोग लाभ ले सकें।
मेले के नोडल अधिकारी अतिरिक्त निदेशक डॉ. रेवतीरमण ने स्वागत करते हुए कहा कि चार दिवसीय आयोजन में आयुष से जुडी सभी पद्धतियों के विशेषज्ञ चिकित्सक अपनी सेवाऐं निशुल्क प्रदान कर परामर्श देंगे। उन्होंने बताया कि मेले में आयुर्वेद के पंचकर्म, अग्निकर्म, जोंक से रोग निदान की पद्धति का आमजन निशुल्क लाभ ले सकेंगे। मेले में आयुर्वेद से सम्बन्धित दवाओं के विक्रताओं एवं आयुर्वेद महत्व के पौधों की प्रदर्शनी भी लगाई गई है जिसका आम नागरिक लाभ ले सकते है।
मेले के सह प्रभारी उप निदेशक आयुर्वेद डॉ. जसवंतसिंह ने आरोग्य मेले में दी जाने वाली सुविधाओं की जानकारी देकर अतिथियों का स्वागत किया। उपनिदेशक झालावाड़ डॉ. श्याम जोशी ने आयुर्वेद के महत्व के बारे में जानकारी दी। आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. विष्णु जोशी ने बताया कि आयुर्वेछ महाविद्यालय खुलेने से युवाओं को रिसर्च एवं औषधियों के महत्व के बारे में जानकारी मिल सकेगी।
अतिथियों ने मेले में आयुर्वेद चिकित्सकों द्वारा आमजन को दी जा रही सुविाधाओं का मौके पर जाकर अवलोकन किया तथा आमजन के लिए उपयोगी बताया। इससे पूर्व आयुर्वेद विभाग के अधिकारियों द्वारा अतिथियों का स्वागत किया गया। इस अवसर पर सहायक निदेशक डॉ. जेनेन्द्र शर्मा, दाऊदयाल जोशी आयुर्वेद चिकित्सालय की प्रभारी डॉ. अंजना शर्मा, डॉ. मेघना शेखावत सहित बडी संख्या में संभागभर के आयुर्वेद चिकित्साधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन नीता डांगी ने किया।

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