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Manipur पर प्रधानमंत्री के वक्तव्य की मांग को लेकर अड़ा ‘इंडिया’, संसद परिसर में किया प्रदर्शन

Manipur पर प्रधानमंत्री के वक्तव्य की मांग को लेकर अड़ा ‘इंडिया’, संसद परिसर में किया प्रदर्शन

नयी दिल्ली। विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) के घटक दलों ने मानसून सत्र के तीसरे दिन, सोमवार को भी मणिपुर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से संसद के दोनों सदनों में बयान देने और चर्चा की मांग जारी रखी। अपनी इस मांग को लेकर इन पार्टियों के सदस्यों ने संसद भवन परिसर में प्रदर्शन किया। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे समेत कई विपक्षी सांसदों ने उच्च सदन में नियम 267 के तहत मणिपुर के मुद्दे पर चर्चा करने और प्रधानमंत्री मोदी के बयान की मांग करते हुए कार्यस्थगन के नोटिस दिए। खरगे के अलावा आम आदमी पार्टी के राघव चड्ढा, कांग्रेस के सैयद नासिर हुसैन और कुछ अन्य विपक्षी सदस्यों ने भी इसी विषय पर कार्यस्थगन के नोटिस दिए। कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी, मणिकम टैगोर और कुछ अन्य विपक्षी सांसदों ने मणिपुर के मामले पर प्रधानमंत्री मोदी के बयान और चर्चा की मांग करते हुए सोमवार को लोकसभा में कार्यस्थगन के नोटिस दिए। संसद परिसर में हुए विपक्षी सांसदों के विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, जनता दल (यूनाइटेड) के राजीव रंजन सिंह उर्फ़ ललन सिंह, द्रमुक के टी आर बालू, आम आदमी पार्टी के संजय सिंह, राष्ट्रीय जनता दल के मनोज झा और अन्य पार्टियों के सांसद शामिल हुए। विपक्ष के सांसदों ने हाथों में एक बड़ा बैनर ले रखा था जिस पर प्रधानमंत्री से संसद के दोनों सदनों में मणिपुर के मुद्दे पर बयान देने की मांग की गई थी। उन्होंने प्रधानमंत्री सदन में आओ के नारे भी लगाए।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन की कार्यवाही आरंभ होने से पहले, सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को मणिपुर के विषय पर संसद के भीतर वक्तव्य देना चाहिए, क्योंकि इस समय पूर्वोत्तर का यह राज्य इसका इंतजार कर रहा है और पूरा देश प्रधानमंत्री की ओर देख रहा है। रमेश ने यह भी कहा कि विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की यह मांग भी है किसमाधान की सामूहिक इच्छा को व्यक्त करने के लिए सदन में मणिपुर के मुद्दे पर चर्चाभी हो।विपक्षी दल मानसून सत्र के पहले दिन से ही मणिपुर के मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से संसद के भीतर वक्तव्य देने और चर्चा की मांग कर रहे हैं। इस मुद्दे पर हंगामे के कारण संसद के मानसून सत्र के पहले दो दिन दोनों सदनों की कार्यवाही बार बार बाधित हुई थी। मणिपुर में दो महिलाओं को निर्वस्त्र कर घुमाए जाने का वीडियो गत बुधवार को सामने आने के बाद राज्य के पहाड़ी क्षेत्र में तनाव व्याप्त हो गया। अधिकारियों ने बताया कि यह वीडियो चार मई का है। मणिपुर में अनुसूचित जनजाति का दर्जा देने की बहुसंख्यक मेइती समुदाय की मांग के विरोध में पहाड़ी जिलों में तीन मई को ‘आदिवासी एकजुटता मार्च’ के आयोजन के बाद राज्य में भड़की जातीय हिंसा में अब तक 160 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

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