पीरामल फाउंडेशन द्वारा गाँधी भवन में साक्षात्कार आयोजित किये गये
राजस्थान विश्वविद्यालय के गाँधी अध्ययन केन्द्र के निदेशक डॉ राजेश कुमार शर्मा ने बताया की आज 24 मार्च 2023 को गाँधी फैलोशिप के लिए पीरामल फाउंडेशन द्वारा गाँधी भवन में साक्षात्कार आयोजित किये गये । जिसमें पीरामल फाउंडेशन की ओर से अवनीत कौर एवं वैभव शर्मा के साथ भारत के 23 अलग अलग राज्यों में काम करने वाली टीम के सहयोगी सदस्य स्वाति पटेल, सुमौन, आशीष असावा, विजय सैनी, भारत कुमार एवं राजेंद्र सैनी ने साक्षात्कार प्रक्रिया को संपन्न करवाने में महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया।
पीरामल फाउंडेशन भारत के 28 राज्यों में शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही है। नीति आयोग के साथ मिलकर भारतवर्ष में कुल 112 आकांक्षी जिलों का चयन किया गया है जिनमें शिक्षा, स्वास्थ्य और स्किल पर काम किया जा रहा है। राजस्थान के जैसलमेर, बारां, सिरोही, करौली, धौलपुर आदि जिलों में पीरामल फाउंडेशन शिक्षा के लिए गहनता से कार्य कर रहा है। फाउंडेशन द्वारा गाँधी फैलोशिप विशेष रूप उन विद्यार्थियों के लिए प्रदान की जा रही है जिनके पास गांधीवादी मूल्यों की निधि है और जो गाँधी दर्शन में अनुभव व विश्वास रखते हों। गाँधी विचार और दर्शन में डिग्री डिप्लोमा या सर्टिफिकेट रखने वाले विद्यार्थियों को गाँधी फेलोशिप के साक्षत्कार के लिए चयन में प्राथमिकता प्रदान की गयी। साक्षात्कार के आधार पर चयनित विद्यार्थियों को 25000/- से लेकर 28000/- रूपये प्रति माह की दर से दो वर्ष तक फैलोशिप प्रदान की जाएगी। उल्लेखनीय है की गाँधी भवन में गाँधी विचार एवं दर्शन पर केंद्रित छः महीने का सर्टिफिकेट कोर्स संचालित है। इस कोर्स को करने वाले विद्यार्थियों को भी भविष्य में पीरामल फाउंडेशन की फैलोशिप के चयन में फैलोशिप के नियम व शर्तों के आधार पर प्राथमिकता एवं वरीयता प्रदान की जा सकेगी। इस अवसर पर गाँधी अध्ययन केन्द्र से छः महीने का सर्टिफिकेट करने वाले श्री राम प्रकाश भारी एवं सुश्री अंजू यादव को पीरामल फाउंडेशन की ओर से फैलोशिप के साक्षात्कार कुशलतापूर्वक संपन्न करवाये जाने के लिए केन्द्र के निदेशक डॉ राजेश कुमार शर्मा के हाथों से पीरामल फाउंडेशन की ओर से प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया।
पीरामल फाउंडेशन की ओर से गांधी अध्ययन केन्द्र एवं राजस्थान विश्वविद्यालय का धन्यवाद करते हुए अवनीत कौर एवं वैभव शर्मा द्वारा आभार जताया गया एवं भविष्य में मिलकर कार्य करने की इच्छा जताई।