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ईरान-अमेरिका समझौते में अड़चन, शर्तों पर नहीं बन पा रही सहमति

ईरान-अमेरिका समझौते में अड़चन, शर्तों पर नहीं बन पा रही सहमति

तेहरान। अमेरिका अभी भी ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए बनने वाले संभावित समझौता ज्ञापन (एमओयू) की कुछ शर्तों को मानने से इनकार कर रहा है। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी तस्नीम न्यूज एजेंसी ने अपने रिपोर्टर के हवाले से बताया कि रविवार को दोनों पक्षों के बीच कुछ बातचीत हुई थी, लेकिन अमेरिका अब भी समझौते की कुछ अहम शर्तों में रुकावट डाल रहा है। इनमें ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को रिलीज करना भी शामिल है। रिपोर्ट में कहा गया कि अभी भी इस बात की संभावना है कि यह एमओयू रद्द हो सकता है। ईरान ने साफ कहा है कि वह अपने लोगों के अधिकारों की रक्षा से जुड़े अपने 'रेड लाइन' मुद्दों पर पीछे नहीं हटेगा।
शिन्हुआ न्यूज एजेंसी के अनुसार, शनिवार को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्‍माईल बाघेई ने सरकारी चैनल आईआरआईबी टीवी से बात करते हुए कहा था कि ईरान और अमेरिका युद्ध खत्म करने के लिए एक एमओयू को अंतिम रूप देने पर काम कर रहे हैं।
बाघेई ने कहा, “इस समय हमारा मुख्य ध्यान इस थोपे गए युद्ध को खत्म करने पर है।” उन्होंने बताया कि दोनों देशों की कोशिश पहले 14 बिंदुओं वाले एक एमओयू पर सहमति बनाने की है।
उन्होंने कहा कि 30 से 60 दिनों के भीतर तेहरान और वॉशिंगटन के बीच एक अंतिम समझौता हो सकता है। उनके मुताबिक, एमओयू में जिन बड़े मुद्दों पर बात हो रही है, उनमें अमेरिका की समुद्री कार्रवाई या नौसैनिक नाकेबंदी को रोकना और ईरान की फ्रीज की गई संपत्तियों को जारी करना शामिल है।
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच आठ अप्रैल को युद्धविराम हुआ था। इससे पहले 40 दिनों तक लड़ाई चली थी, जिसकी शुरुआत 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों से हुई थी।
सीजफायर के बाद ईरान और अमेरिका के प्रतिनिधिमंडलों ने 11 और 12 अप्रैल को पाकिस्तान की राजधानी इस्‍लामाबाद में एक दौर की शांति वार्ता की थी लेकिन उसमें कोई समझौता नहीं हो पाया।

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