ईरानी हमलों के बाद अमेरिकी ठिकानों की नई तस्वीरें, नुकसान का सामने आया बड़ा ब्यौरा
तेहरान। नई तस्वीरों में सऊदी अरब के प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर एक बोइंग E-3 सेंट्री विमान का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखाई देता है। सीबीएस न्यूज के मुताबिक, तस्वीर में विमान का टेल सेक्शन जले हुए मुख्य ढांचे से अलग नजर आता है। इस विमान में लगा घूमने वाला रडार हवाई निगरानी और कमांड एंड कंट्रोल मिशन के लिए महत्वपूर्ण है।
प्रिंस सुल्तान एयर बेस की अन्य तस्वीरों में क्षतिग्रस्त इमारतें और बैरक भी दिखाई देते हैं। वहीं, कुछ कंक्रीट सुरक्षा संरचनाएं अपेक्षाकृत कम प्रभावित नजर आती हैं। तस्वीरों की पुष्टि और उनके संदर्भ को लेकर उपलब्ध रिपोर्टों में संबंधित सैन्य ठिकानों की पहचान की गई है।
कुवैत के कैंप ब्यूहरिंग से सामने आई तस्वीरों में भी क्षतिग्रस्त इमारतें, वाहन और अन्य सैन्य संपत्तियां दिखाई गई हैं। यह अमेरिकी सेना के जमीनी सैनिकों, बख्तरबंद वाहनों और कुछ विमानों के लिए एक प्रमुख स्टेजिंग क्षेत्र है। कैंप अरिफजान की एक तस्वीर में भी क्षतिग्रस्त इमारत दिखाई देती है।
इन तस्वीरों के सामने आने के साथ ही अमेरिकी रक्षा विभाग के इंस्पेक्टर जनरल की रिपोर्ट भी चर्चा में है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरानी हमलों के दौरान अमेरिकी उपकरणों को 3.7 अरब डॉलर तक का नुकसान होने का आकलन किया गया है। इसमें करीब 60 विमानों से जुड़े नुकसान भी शामिल हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने कुवैत, बहरीन, कतर, संयुक्त अरब अमीरात, सऊदी अरब, इराक, ओमान और जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी हमलों की जानकारी दी थी।
इंस्पेक्टर जनरल के आकलन के अनुसार, इन हमलों में विभिन्न देशों में स्थित अमेरिकी ठिकानों की सैकड़ों इमारतों और अन्य संरचनाओं को नुकसान पहुंचा या वे नष्ट हुईं। उपलब्ध रिपोर्ट में ठिकानों की मरम्मत की पूरी लागत का आकलन अभी नहीं किया गया है।
तस्वीरों को लेकर एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इन्हें सक्रिय अमेरिकी सैन्यकर्मियों ने अपनी पहचान छिपाकर सीबीएस न्यूज को उपलब्ध कराया। अमेरिकी सेना में मीडिया संबंधी प्रतिबंधों के कारण उन्होंने सार्वजनिक रूप से अपनी पहचान जाहिर नहीं की। एक सैन्यकर्मी ने दावा किया कि ठिकानों को हुए नुकसान की पूरी तस्वीर अमेरिकी जनता के सामने नहीं आई है। यह दावा उस व्यक्ति के बयान पर आधारित है और इसे स्वतंत्र रूप से पूरे तौर पर सत्यापित तथ्य के रूप में नहीं पेश किया जा सकता।
इससे पहले जॉर्डन के मुवाफ्फक सल्ती एयर बेस पर हुए हमलों से जुड़े नुकसान की भी रिपोर्ट सामने आई थी। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक, वहां कई अमेरिकी सैन्य विमानों को नुकसान पहुंचा था। नई तस्वीरों और पेंटागन के इंस्पेक्टर जनरल की रिपोर्ट ने अब मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य ढांचे पर पड़े असर की व्यापक तस्वीर सामने रखी है।
वाशिंगटन पोस्ट ने इससे पहले उपग्रह तस्वीरों के विश्लेषण के आधार पर भी अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर नुकसान का आकलन किया था। उसके विश्लेषण में कम से कम 228 संरचनाओं या उपकरणों के क्षतिग्रस्त या नष्ट होने की पहचान की गई थी। हालांकि यह आकलन उपलब्ध उपग्रह तस्वीरों पर आधारित था और इसे नुकसान की पूरी संख्या नहीं माना गया था।
पेंटागन के इंस्पेक्टर जनरल की रिपोर्ट और सीबीएस न्यूज द्वारा प्रकाशित तस्वीरें इसलिए महत्वपूर्ण हैं क्योंकि दोनों अलग-अलग स्रोतों से अमेरिकी सैन्य ठिकानों और उपकरणों को हुए नुकसान की जानकारी सामने लाती हैं। हालांकि, तस्वीरों के साथ दिए गए सैन्यकर्मियों के दावों और आधिकारिक आकलनों को अलग-अलग संदर्भ में देखना जरूरी है।