जयपुर: जय मां दुर्गा के उद्घोष से गूंज उठा जय क्लब
जयपुर। दुर्गा पूजा महोत्सव की महासप्तमी का दिन सी-स्कीम स्थित जय क्लब लॉन में भक्ति, उत्साह और उल्लास से भरा रहा। सुबह से ही श्रद्धालु मां दुर्गा की आराधना के लिए एकत्रित होने लगे। प्रातःकालीन आरती के साथ पूरे परिसर में “जय मां दुर्गा” के जयकारे गूंजे। मंत्रोच्चार और शंख-ध्वनि से वातावरण पवित्र हो उठा। आरती के बाद बच्चों के लिए खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ। स्पून रेस और अन्य मनोरंजक खेलों में बच्चों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उनकी हंसी और उत्साह ने पूजा-पंडाल के माहौल को और भी जीवंत बना दिया। दोपहर में भोग प्रसादी का आयोजन किया गया। खिचड़ी, चोच्चौड़ी (Mix Veg) और पायेश (खीर) का विशेष भोग मां दुर्गा को अर्पित कर भक्तों में वितरित किया गया। भक्तों ने इसे श्रद्धा और प्रसन्नता से ग्रहण किया। कई श्रद्धालुओं ने कहा कि यह प्रसाद उन्हें अपने घर-परिवार की पुरानी यादों से जोड़ देता है। शाम की आरती ने एक बार फिर पूरे वातावरण को भक्ति-रस में रंग दिया। आरती के दौरान ढाक और शंख की गूंज ने सभी को भाव-विभोर कर दिया। इसके उपरांत सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत हुई, जो महासप्तमी का मुख्य आकर्षण रहा। सबसे ज्यादा सराहना बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता को मिली। नन्हे-मुन्नों ने देवी-देवताओं, स्वतंत्रता सेनानियों और लोक नायकों का रूप धारण कर मंच पर प्रस्तुति दी। दर्शकों ने तालियों की गड़गड़ाहट से उनका उत्साहवर्धन किया। अध्यक्ष डॉ. एस.के. सरकार ने इस अवसर पर कहा कि, “महासप्तमी केवल पूजा-अर्चना का पर्व नहीं है, बल्कि यह हमारी परंपराओं और संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक माध्यम है। बच्चों की भागीदारी इस महोत्सव को और भी अर्थपूर्ण और जीवंत बनाती है।” भक्तों की प्रतिक्रिया भी बेहद उत्साहजनक रही। एक श्रद्धालु ने कहा, “सुबह की आरती ने मन को शांति और आत्मविश्वास दिया, वहीं दोपहर का भोग बचपन की यादों को ताजा कर गया।” एक माता-पिता ने फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता की प्रशंसा करते हुए कहा, “जब हमारे बच्चे मंच पर मां दुर्गा और अन्य पात्रों का रूप लेकर उतरे तो लगा मानो सजीव झांकी सामने खड़ी हो।” पूरे दिन के कार्यक्रमों ने भक्तों को न केवल धार्मिक आनंद दिया, बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक बंधनों को भी प्रगाढ़ किया। जय क्लब का परिसर भक्ति, बच्चों की खिलखिलाहट और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से सराबोर होकर एक अविस्मरणीय दिन का साक्षी बना।