संतुलित उर्वरक उपयोग में झालावाड़ बना प्रदेश का अग्रणी जिला
एसएसपी उर्वरक के उपयोग को बढ़ावा, खरीफ 2026 के लिए पर्याप्त उर्वरक उपलब्धता सुनिश्चित
झालावाड़। खरीफ मौसम 2026 की तैयारियों को लेकर जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में किसानों को गुणवत्तापूर्ण बीज एवं उर्वरक समय पर उपलब्ध कराने तथा संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया। बैठक में कृषि विभाग, उर्वरक कंपनियों तथा विक्रेताओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) डॉ. नरेश कुमार शर्मा ने बताया कि जिले में खरीफ 2026 के लिए 55 हजार मीट्रिक टन यूरिया, 14 हजार मीट्रिक टन डीएपी, 40 हजार मीट्रिक टन सिंगल सुपर फॉस्फेट (एसएसपी) एवं 9 हजार मीट्रिक टन एनपीके की मांग पूर्व में ही कृषि आयुक्तालय को भेज दी गई थी। वर्तमान में जिले में पर्याप्त मात्रा में यूरिया, डीएपी, एसएसपी एवं एनपीके उपलब्ध है तथा किसानों को आवश्यकता अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने बताया कि झालावाड़ राज्य में सर्वाधिक एसएसपी उपयोग करने वाला जिला बन गया है। विभाग के प्रयासों से गत वर्ष की तुलना में इस वर्ष एसएसपी के उपयोग में लगभग 1.75 गुना वृद्धि दर्ज की गई है। एसएसपी के उपयोग से डीएपी पर निर्भरता कम होने के साथ-साथ दलहनी एवं तिलहनी फसलों की उत्पादकता तथा मिट्टी के स्वास्थ्य में भी सुधार हो रहा है। बैठक में उर्वरक विक्रेताओं को स्टॉक प्रदर्शन, मूल्य सूची प्रदर्शित करने, विक्रय बिल जारी करने एवं नियमानुसार उर्वरक विक्रय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अनियमितता पाए जाने पर लाइसेंस निलंबन एवं निरस्तीकरण सहित कठोर कार्रवाई की चेतावनी दी गई। जिला कलक्टर ने किसानों को निर्धारित मूल्य पर गुणवत्तापूर्ण कृषि आदान उपलब्ध कराने, एसएसपी के उपयोग को बढ़ावा देने, अन्य राज्यों में उर्वरक परिवहन पर रोक सुनिश्चित करने तथा अनियमित विक्रेताओं के विरुद्ध सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि प्राकृतिक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए 20 जून को जिला मुख्यालय पर किसान कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा। साथ ही राज्य सरकार द्वारा नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के छिड़काव पर प्रति हेक्टेयर 1000 रुपये का अनुदान भी प्रदान किया जा रहा है, जिसके लिए किसान राज किसान पोर्टल पर आवेदन कर सकते हैं।