राजकीय भवनों के पट्टों के पंजीयन में झालावाड़ ने बनाया रिकॉर्ड
झालावाड़। जिले में राजकीय कार्यालय भवनों के पट्टों के निर्माण और उनके पंजीयन का काम पूरा कर लिया गया है। जिला कलक्टर अजय सिंह राठौड़ ने इसे जिले की महत्वपूर्ण प्रशासनिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि झालावाड़ प्रदेश का पहला जिला है, जहां इस अभियान के तहत संबंधित कार्य पूर्ण किया गया है।
मिनी सचिवालय के सभागार में मंगलवार को आयोजित आवश्यक सेवाओं की साप्ताहिक समीक्षा बैठक में जिला कलक्टर ने आमजन से जुड़ी सेवाओं, विभागीय योजनाओं और विकास कार्यों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि आवश्यक सेवाओं में किसी तरह की बाधा नहीं आनी चाहिए और आमजन की समस्याओं का संवेदनशीलता के साथ समाधान किया जाए।
सरकारी संपत्तियों का रिकॉर्ड होगा मजबूत
बैठक की शुरुआत में राजकीय कार्यालय भवनों के पट्टों से जुड़े अभियान की प्रगति पर चर्चा हुई। बताया गया कि जिले के सभी नगरीय निकायों और ग्राम पंचायत स्तर पर बनाए गए राजकीय कार्यालय भवनों के पट्टों का पंजीयन पूरा हो चुका है।
जिला कलक्टर ने इस कार्य में योगदान देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि सरकारी परिसंपत्तियों का व्यवस्थित दस्तावेजीकरण होने और उनका राजस्व अभिलेखों में दर्ज होना जरूरी है। इससे इन संपत्तियों की स्थिति अधिक स्पष्ट और मजबूत होगी।
बिजली-पानी की व्यवस्था पर विशेष जोर
बैठक में विद्युत आपूर्ति की भी समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने जेवीवीएनएल के अधिकारियों को झालावाड़ शहर सहित पूरे जिले में निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि बिजली से जुड़ी शिकायतों का जल्द समाधान किया जाए। फॉल्ट और तकनीकी खराबियों की स्थिति में त्वरित कार्रवाई के लिए जरूरी व्यवस्थाएं पहले से सुनिश्चित रखने पर भी जोर दिया गया।
पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने जल स्रोत क्षेत्रों में अत्यधिक जलभराव या अन्य परिस्थितियों के कारण संभावित व्यवधान को लेकर पूर्व तैयारी रखने को कहा। उन्होंने अधिकारियों को वैकल्पिक व्यवस्थाओं सहित जरूरी इंतजाम समय रहते पूरे करने के निर्देश दिए, ताकि पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो।
ध्वस्त स्कूल भवनों के पुनर्निर्माण पर चर्चा
बैठक में जमींदोज किए गए राजकीय विद्यालय भवनों के पुनर्निर्माण की कार्ययोजना पर भी चर्चा हुई। जिला कलक्टर ने संबंधित अधिकारियों से बजट आवंटन और अब तक की तैयारियों की जानकारी ली।
उन्होंने पुनर्निर्माण से जुड़े कार्यों को समयबद्ध तरीके से आगे बढ़ाने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों में विद्यार्थियों की सुविधा और हित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए।
सम्पर्क पोर्टल की शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निस्तारण
जिला कलक्टर ने सम्पर्क पोर्टल पर दर्ज शिकायतों की विभागवार समीक्षा भी की। उन्होंने लंबित प्रकरणों में तेजी लाने के साथ यह सुनिश्चित करने को कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल औपचारिकता तक सीमित न रहे।
उन्होंने अधिकारियों को आमजन को संतोषजनक और गुणवत्तापूर्ण समाधान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ई-फाइलों के निस्तारण में भी तेजी लाने तथा निर्धारित समय सीमा में लंबित फाइलों का निपटारा सुनिश्चित करने को कहा।
विभागीय योजनाओं की प्रगति की समीक्षा
साप्ताहिक बैठक में रसद, जल संसाधन, सार्वजनिक निर्माण विभाग, कृषि सहित विभिन्न विभागों के कार्यों और योजनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। जिला कलक्टर ने विभागवार प्रगति की जानकारी लेते हुए लंबित कार्यों को तय समय में पूरा करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि आमजन को मिलने वाली आवश्यक सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए। सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें, ताकि शासन की योजनाओं और सेवाओं का लाभ पात्र लोगों तक समय पर पहुंच सके।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर रामचन्द्र खटीक, जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी शम्भूदयाल मीणा सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।