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जोधपुर : सेवा से वात्सल्य भाव प्रकट होते है- सुमति मुनि

जोधपुर : सेवा से वात्सल्य भाव प्रकट होते है- सुमति मुनि

जोधपुर। चौरड़ि‌या भवन में आयोजित चातुर्मास कार्यक्रम में श्रावकों की भारी भीड़ उमड़ रही है। विराजित सुमति मुनि  तथा साध्वी नगीना श्रीजी प्रवचनों की सरिता बहा कर धर्म की राह दिखा रहे है। सुमति मुनि ने अपने नित्यप्रवचन में आज कहा कि अग्लान भाव से सेवा करने वाला व्यकि महत्वपूर्ण है। जरूरत‌मंद  की सहायता करने से वात्सलीय भाव प्रकट होकर नया बोध मिलता है। किसी पर अनुकम्पा या सहायता कर दुःख से ऊपर उठाते है तो आपकी भी कई विपतियाँ टल सकती है। जीवन में कोई गलत कार्य हो भी जाय तो अपनी गलती स्वीकार कर आगे बढ़ स‌कते हैं। यतना धार्म की माता है। रास्ते में पड़े हुए पत्थर आदिकों को हटाने पर अनेक व्यक्कि ठोकर खाने से बचा सकते है। उन्होंने एक प्रसंग सुनाते हुए कहा कि एक छात्र परीक्षा देने जा रहा था, रास्ते में घायल व्यक्ति तड़प रहा था। छात्र ने  परीक्षा छोडकर घायल को अस्पताल पहुंचाया तथा उसका जीवन बचा लिया। छात्र के पिता ने अपने बेटे को प्रोत्साहित किया। हमें भी अपने बच्चों को ऐसे ही संस्कार देने की आवश्यकता है। इससे पूर्व साध्वी नगीना श्रीजी ने कहा कि परमात्मा के छोडे हुए कार्मण पुद्गलो मैं अपार शक्ति होती है। गुरु माता-पिता के पुद्गलो में सदभावना एवं वात्सल्य के शक्तिशाली पुद्‌गल रहते हैं, भले ही वह आज जीवित नहीं है लेकिन उनके आशीर्वाद व दुआयें फलीभूत होती है।आज जेपी-पी के रास्ट्रीय अध्यक्ष पारसमल गादिया मुनि भगवंतों के दर्शनार्थ जोधपुर पहुंचे।

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