जोधपुर: अभियान का सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग लगाकर किया प्रचार प्रसार
जोधपुर। एम.सी.पी.सी., सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली एवं माननीय नालसा नई दिल्ली, माननीय सदस्य सचिव महोदय, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयुपर के निर्देशानुसार व माननीय अध्यक्ष महोदय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (माननीय जिला एवं सेशन न्यायाधीश महोदय), पूरण कुमार शर्मा, जोधपुर जिला के मार्गदर्शन में 01 जुलाई से 90 दिवसीय कैम्पेन अभियान के प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। इसी क्रम में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर के सचिव डॉ. मनीष हरजाई के निर्देशन में जिला न्यायालय, कलक्ट्रेट कार्यालय, जिला पुलिस अधीक्षक जोधपुर ग्रामीण कार्यालय के कार्यालय परिसर में, जोधपुर रोड़वेज मुख्य बस स्टैंड, जोधपुर रेलवे स्टेशन, नई सड़क चौराहा, अशोक उद्यान, नेहरू उद्यान तथा अन्य उपयुक्त सार्वजनिक स्थानों पर होर्डिंग एवं बैनर लगाकर अभियान का व्यापक रूप से प्रचार-प्रसार किया जा रहा है।प्राधिकरण सचिव डॉ. हरजाई ने बताया कि यह अभियान नई दिल्ली एवं सर्वोच्च न्यायालय की मेडिएशन व कंसिलिएशन प्रोजेक्ट कमेटी की ओर से राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान पूरे देश में चलाया जा रहा है। उन्होंने आयोजित अभियान के माध्यम से पक्षकारान से अपील करते हुए कहा कि वे अधिकाधिक मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से सुलझाएं। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य व्यापक प्रचार-प्रसार कर आमजन को जानकारी उपलब्ध करवाना है है।
1 जुलाई से 30 सितंबर तक संचालित होगा यह अभियान
उन्होंने बताया कि यह अभियान 1 जुलाई से प्रारंभ हुआ, जो आगामी 30 सितंबर तक संचालित होगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य न्यायालयों में लंबित अधिक से अधिक मामलों को मध्यस्थता के माध्यम से सौहार्दपूर्ण तरीके से निपटाना और अभियान 'के तहत लोगों को मध्यस्थता के लाभों के बारे में जागरूक करने के साथ लंबित मामलों के शीघ्र समाधान पर विशेष ध्यान देना है। उन्होंने आमजन से आग्रह करते हुए कहा कि मध्यस्थता, विवादों को सुलझाने का एक महत्वपूर्ण और प्रभावी तरीका है, जिसमें एक निष्पक्ष व्यक्ति, जिसे मध्यस्थ कहते हैं, दोनों पक्षों को आपसी सहमति से समाधान तक पहुंचने में मदद करता है। यह एक स्वैच्छिक, गोपनीय और लचीली प्रक्रिया है। यह न केवल कानूनी कार्यवाही की तुलना में कम समय और खर्च में विवादों को सुलझाने में मदद करता है, बल्कि आपसी संबंधों को भी बेहतर बनाने में मदद करता है। समय-धन की बचत के लिए मध्यस्थता प्रक्रिया पर जोर दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान जारी है तथा न्यायालयों में लंबित मामलों के समाधान की पहल तेजी से की जा रही है, जिसका लाभ पक्षकारान द्वारा उठाया जा सकता है।