प्रशांत भूषण पर FIR के बाद किरेन रिजिजू का तीखा हमला
नई दिल्ली. सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने उन पर तीखी टिप्पणी की है। रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर आरोप लगाया कि भूषण पहले भी एक कथित फर्जी खबर फैला चुके हैं, जिसमें दावा किया गया था कि कुछ जज और मंत्री लंदन में बैडमिंटन खेलने गए थे। रिजिजू के मुताबिक, उस मामले में भी उन्होंने माफी नहीं मांगी थी।
केंद्रीय मंत्री ने अपनी पोस्ट में कहा कि इस तरह की गतिविधियां भारत की छवि और संवैधानिक संस्थाओं को नुकसान पहुंचाने की साजिश का हिस्सा हैं। उनका यह बयान दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल द्वारा प्रशांत भूषण के खिलाफ मामला दर्ज किए जाने के बाद आया है।
दरअसल, पुलिस ने रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव का एक कथित रूप से डिजिटल तरीके से बदला गया वीडियो एक्स पर साझा किए जाने के मामले में एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि इस क्लिप में लावरोव को भारत की स्थिति और नीतियों के बारे में अपमानजनक टिप्पणी करते हुए गलत तरीके से दिखाया गया था। भूषण ने इस वीडियो को भारतीय विदेश नीति पर आलोचनात्मक टिप्पणी के साथ साझा किया था।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक, 3 नवंबर को साइबर पेट्रोलिंग के दौरान एक सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई थी। इसमें दावा किया गया था कि प्रशांत भूषण के हैंडल से रूस के विदेश मंत्री का भारत विरोधी फर्जी वीडियो साझा किया गया है। पुलिस का आरोप है कि इस सामग्री के जरिए भ्रामक, मानहानिकारक और भड़काऊ दावे फैलाए गए, जिससे सार्वजनिक अव्यवस्था और अफवाहों की स्थिति बन सकती थी। इसी आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
इस वीडियो को लेकर विदेश मंत्रालय भी पहले ही स्थिति स्पष्ट कर चुका है। मंत्रालय ने अटलांटा में हुई द्विपक्षीय बैठक के बाद वायरल क्लिप में किए गए दावे को गलत बताया था। मंत्रालय के अनुसार, वीडियो में लावरोव के नाम से दिखाई गई टिप्पणी वास्तविक नहीं थी।
एफआईआर दर्ज होने के बाद मामला राजनीतिक और कानूनी बहस का विषय बन गया है। पुलिस अब वीडियो के स्रोत, उसमें की गई कथित छेड़छाड़ और उसे सोशल मीडिया पर साझा किए जाने के पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। वहीं, रिजिजू ने इसे देश की प्रतिष्ठा और संवैधानिक संस्थाओं से जुड़ा गंभीर मामला बताया है।