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कोटा : अंत्योदय संबल पखवाड़ा, रंगपुर और कुराड़ में शिविरों ने बदली दो जिंदगियां

कोटा : अंत्योदय संबल पखवाड़ा, रंगपुर और कुराड़ में शिविरों ने बदली दो जिंदगियां

कोटा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़े के अंतर्गत बुधवार को जिले की विभिन्न पंचायत समितियों में जनकल्याणकारी शिविरों का आयोजन किया गया। इन शिविरों का उद्देश्य अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को सरकारी योजनाओं से जोड़ते हुए उन्हें अधिकार और अवसर प्रदान करना है।
जिलेभर में आयोजित हुए शिविर
बुधवार को लाडपुरा पंचायत समिति के रंगपुर, किशनपुरा तकिया, गोदल्याहेड़ी; सुल्तानपुर पंचायत समिति के बड़ौद, कोटड़ादीपसिंह, मदनपुरा; इटावा की लक्ष्मीपुरा, नीमोला, बागली; सांगोद की कुराड़ियाखुर्द, कनवास की कुराड़, खजूरी तथा खैराबाद की देवलीकलां, आलोद और मोड़कगांव ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में राजस्व, पंचायती राज, ग्रामीण विकास, खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति, स्वास्थ्य, जलदाय, विद्युत, सामाजिक न्याय, कृषि, पशुपालन, शिक्षा, वन सहित विभिन्न विभागों द्वारा 60 से अधिक सेवाएं आमजन को प्रदान की गईं।
रंगपुर शिविर में आईएएस प्रशिक्षु रही उपस्थित
रंगपुर ग्राम पंचायत में आयोजित शिविर में आईएएस प्रशिक्षु आराधना चौहान उपस्थित रहीं। उन्होंने शिविर में विभागीय कार्यप्रणाली एवं योजनाओं के क्रियान्वयन का निरीक्षण किया तथा लाभार्थियों से संवाद कर उनकी समस्याएं भी जानी।
पहचान के बिना भी मिली पहचान दृ रंगपुर निवासी संजय की कहानी
लाडपुरा पंचायत समिति के शिविर प्रभारी खंड विकास अधिकारी श्री शैलेश रंजन ने बताया कि रंगपुर शिविर में 26 विभागों के माध्यम से कुल 63 योजनाओं का लाभ दिया गया। उन्होंने जानकारी दी कि शिविर में संजय भाड़ पुत्र रतनलाल ने बताया कि उन्हें आज तक किसी सरकारी योजना का लाभ नहीं मिला है। जांच में सामने आया कि उनके पास कोई पहचान पत्र नहीं था। अधिकारियों द्वारा तत्परता दिखाते हुए शिविर में ही जन्म प्रमाण हेतु आवश्यक दस्तावेज तैयार करवाए गए, तहसीलदार द्वारा अनुज्ञा जारी की गई, और ग्राम पंचायत को जन्म प्रमाण पत्र जारी करने के निर्देश दिए गए ताकि उन्हें योजनाओं का लाभ मिल सके।
कच्ची झोपड़ी से अपने नाम की ज़मीन तक-कुराड़ निवासी प्रभुलाल की कहानी
खंड विकास अधिकारी कुशलेश्वर ने बताया  कनवास पंचायत समिति के कुराड़ ग्राम में रहने वाले प्रभुलाल आत्मज जगन्नाथ, जाति गाड़िया लुहार, लंबे समय से कच्ची झोपड़ी में जीवन बिता रहे थे। शिविर की सूचना मिलने पर ग्राम पंचायत प्रशासक नरेश कुमारी, ग्राम विकास अधिकारी रितेश आचार्य, एवं कनिष्ठ लिपिक बिरधीलाल सुमन ने प्रभुलाल से संपर्क किया, उनका आवेदन तैयार करवाया और शिविर में ही उन्हें आवासीय भूमि का पट्टा सौंपा गया।
पट्टा पाते ही प्रभुलाल की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। उन्होंने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री, प्रशासन व ग्राम पंचायत का आभार जताते हुए कहा कि सरकार ने घुमंतू परिवार की वर्षों पुरानी समस्या का समाधान किया है।
खंड विकास अधिकारी श्री कुशलेश्वर ने बताया सांगोद पंचायत समिति के कुराड़ियाखुर्द ग्राम पंचायत में आयोजित  शिविर में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और राजस्व, सामाजिक न्याय, खाद्य सुरक्षा, पेंशन सत्यापन, आवास योजना, विद्युत कनेक्शन आदि सेवाओं का लाभ उठाया। साथ ही ‘हरियालो राजस्थान’ अभियान के अंतर्गत गड्ढे पौधारोपण हेतु खोदे गए।
26 जून को इन ग्राम पंचायतों में होंगे शिविर- गुरुवार, 26 जून को लाडपुरा की गोदल्याहेड़ी और जाखोड़ा, सुल्तानपुर की पोलाईकलां और भौरां, इटावा की रनोदिया और खतौली, तलाव, सांगोद की खड़िया और कमोलर, कनवास की लोढ़ाहेड़ा और कनवास, तथा खैराबाद की धरनावद, देवली खुर्द और मंडा ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित किए जाएंगे। सभी शिविर प्रातः 9रू30 बजे से सायं 5रू30 बजे तक संचालित होंगे।
अंतिम व्यक्ति तक सेवा पहुंचाना ही उद्देश्य- पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़े के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शासन की प्रत्येक सेवा आमजन तक सरलता से पहुंचे। शिविरों में त्वरित समाधान, पात्र व्यक्तियों की पहचान और योजनाओं के लाभार्थी चयन की प्रक्रिया को पारदर्शी एवं प्रभावी बनाया गया है, जिससे नागरिकों को शासन की संवेदनशीलता का सीधा अनुभव एवं लाभ हो रहा है।

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