कोटा: शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों के निरीक्षण पर निकले जिला कलक्टर
मौसमी बीमारियों से निपटने के लिए रखें पर्याप्त तैयारियां दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें- जिला कलक्टर
कोटा। जिला कलक्टर पीयूष समारिया मंगलवार को शहरी स्वास्थ्य केन्द्रों के निरीक्षण पर निकले। समारिया पहले शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, महावीर नगर का निरीक्षण करने पहुंचे। पहुंचते ही उन्होंने स्टाफ की उपस्थिति के बारे में पूछा। समारिया ने ओपीडी में प्रतिदिन आने वाले मरीजों की जानकारी ली। मौके पर मौजूद डॉ. आशीष खंडेलवाल ने बताया कि प्रतिदिन औसत 400 मरीजों की ओपीडी रहती है। डे-केयर सेंटर देखकर जिला कलक्टर ने पूछा कि कितने मरीज एक दिन में आते हैं चिकित्सकों ने बताया कि करीब 5-6 मरीज आ जाते हैं जिनमें कुछ डायरिया पेशेंट होते हैं जिन्हें ड्रिप और अन्य जरूरी इंजेक्शन लगाए जाते हैं और आराम होने पर घर भेजा जाता है। डे-केयर सेंटर पर बेडशीट के कलर कोडिंग सिस्टम एवं हर सप्ताह अलग कलर की बेडशीट बिछाने की जानकारी मिलने पर कलक्टर ने इसे अच्छी पहल बताया।
जिला कलक्टर टीकाकरण कक्ष गए और वहां ड्यूटी पर मौजूद एएनएम प्रतिभा ने बताया कि प्रत्येक गुरुवार को 70 से अधिक बच्चों का वैक्सीनेशन होता है। इसके साथ ही गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच एवं टीकाकरण भी किया जाता है। उन्होंने टीकाकरण कक्ष का रजिस्टर भी चेक किया। समारिया ने दवा वितरण केन्द्र पर दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता की जानकारी ली। प्रभारी चिकित्सक ने बताया कि मेडिकल कॉलेज से संबद्ध शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र होने के कारण पहले काफी दवाएं आती थी लेकिन अब पीएचसी की आवश्यकता के अनुसार दवाएं भेजी जा रही हैं, जबकि मेडिकल कॉलेज से भी मरीज यहां दिखाने आते हैं। ऐसे में, पहले की तरह पर्याप्त उपलब्धता नहीं हैं। जिला कलक्टर ने शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र, तलवंडी का भी निरीक्षण किया। वहां उन्होंने ओपीडी की संख्या पूछी। प्रभारी डॉ. दीपेश तिवारी ने बताया कि प्रतिदिन 200 मरीज आते हैं और 7-8 मरीज डे केयर में आ जाते हैं।
डेंगू जागरूकता काउंटर देखा
समारिया ने वहां मौसमी बीमारियों के प्रति आमजन को जागरूक करने के लिए बनाई गई कैनोपी देखी। कैनोपी में गमले, पुराने टायर, ढक्कन, डिस्पोजल कप आदि प्रदर्शित कर आमजन को जागरूक करने का प्रयास किया गया कि किन जगहों पर एकत्र पानी में डेंगू के मच्छर पनप सकते हैं। मौसमी बीमारियों के प्रति जागरूक करने के लिए बनाई गए इस काउंटर के माध्यम, एकत्र पानी को खाली कर एंटी लार्वा एक्टिविटी की आवश्यकता का संदेश दिया गया था। जिला कलक्टर ने इस पहल की सराहना की। वैक्सीनेशन की ली जानकारी टीकाकरण कक्ष में जाकर उन्होंने रजिस्टर चेक किया और वहां बच्चों को लगाई जाने वाली वैक्सीन के बारे में जानकारी ली। लैब में जाकर उन्होंने पूछा कि कितनी तरह की जांचों की सुविधा उपलब्ध है। साथ ही, उन्होंने दवा वितरण केन्द्र एवं ओपीडी काउंटर भी देखा। उन्होंने दवाओं की उपलब्धता की जानकारी ली।
मरीजों से करें अच्छा व्यवहार
जिला कलक्टर ने दोनों शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर मौजूद स्टाफ को समय पर आने एवं मरीजों से अच्छा व्यवहार करने को कहा। उन्होंने डॉक्टर एवं अन्य स्टाफ को प्रॉपर एप्रन एवं नाम का बैज लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने मौसमी बीमारियों की रोकथाम के लिए एंटी लार्वा एक्टिविटी एवं जागरूकता कार्यक्रम चलाने के निर्देश दिए। साथ ही, दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। यूपीएचसी, महावीर नगर के दौरे के समय पर एडिशनल प्रिंसीपल, मेडिकल कॉलेज कोटा डॉ. बी.एस. शेखावत, आरसीएचओ रमेश खगरवाल भी उपस्थित थे।