कोटा : जिला कलक्टर ने किया पोलाईकलां में शिविर का निरीक्षण
कोटा। पंडित दीनदयाल उपाध्याय अन्त्योदय संबल पखवाड़े के तहत गुरुवार को जिले की कई ग्राम पंचायतों में शिविर आयोजित किए गए। इन शिविरों में सीमाज्ञान, आपसी सहमति से भूमि विभाजन, रास्ता खोलने, पीएम किसान सम्मान योजना, खाद्य सुरक्षा योजना आदि से जुड़े प्रकरणों का निस्तारण कर ग्रामीणों को राहत दी गई।
दीगोद उपखंड की ग्राम पंचायत पोलाईकलां में आयोजित शिविर का जिला कलक्टर श्री पीयूष समारिया ने निरीक्षण किया। उन्होंने शिविर के दौरान विभिनन काउंटरों पर जाकर आमजन की समस्या, समाधान एवं उन्हें राहत प्रदान करने के निर्देश वहां मौजूद कर्मचारियों को दिए। उन्होंने शिविर में उपस्थित अधिकारियों को संवेदनशीलता के साथ आमजन की समस्याओं के निस्तारण के निर्देश दिए। शिविर में नामांतरकरण के 67, सीमाज्ञान के 17, रास्ता खुलवाने के 2 प्रकरण निस्तारित कर ग्रामीणों को राहत दी गई। शिविर में 5 जाति प्रमाण पत्र बनाए गए।
निक्षय मित्र किट प्रदान किया- शिविर में जिला कलक्टर श्री पीयूष समारिया एवं निक्षय मित्र पोलाई कलां सरपंच संतोष मीणा ने अंतिमा को निक्षय पोषण किट प्रदान किया। निक्षय मित्र योजना के तहत दिए जाने वाले इस किट में आटा, नमक, तेल, शक्कर, चावल, धनिया, मिर्च आदि सामग्री होती है। निक्षय मित्र द्वारा प्रतिमाह टीबी के मरीज को यह किट दिया जाता है। शिविर में चिकित्सा विभाग की टीम ने 15 गर्भवती महिलाओं एवं 15 नवजात बच्चों का टीकाकरण किया। 42 मरीजों की बीपी-शुगर चेक की गई। 40 मरीजों की टीबी जांच की गई। शिविर में दीगोद उपखंड अधिकारी दीपक महावर, बीसीएमओ डॉ. राजेश सामर, सीमलिया सीएचसी प्रभारी डॉ. सौरभ नाटाणी सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे। अन्त्योदय संबल पखवाड़े के तहत शुक्रवार को पंचायत समिति लाडपुरा की ग्राम पंचायत मवासा, भीमपुरा, गंदीफली, सुल्तानपुर की ग्राम पंचायत बमोरी, सारोला, अमरपुरा, इटावा की ग्राम पंचायत कैथूदा, बालूपा, जटवाड़ा, संागोद की ग्राम पंचायत मोईकलां एवं लटूरी, कनवास में देवली एवं ढोटी तथा खैराबाद की ग्राम पंचायत बडौदियाकलां, चेचट एवं खेड़ली में शिविर आयोजित किए जाएंगे। प्रत्येक पंचायत समिति में दो से तीन ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से राजस्व, ग्रामीण विकास, पंचायती राज, ऊर्जा, जलदाय, कृषि, वन, खाद्य, स्वास्थ्य, पशुपालन, शिक्षा, सामाजिक न्याय व अन्य विभागों की 60 से अधिक जनोपयोगी सेवाएं आमजन तक पहुंचाई जा रही हैं।