बहरोड़ में वकीलों ने दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखी
बहरोड़। बहरोड़ सदर थाना क्षेत्र के चार गांवों को नीमराना कोर्ट से जोड़ने के विरोध में वकीलों ने शुक्रवार को दूसरे दिन भी हड़ताल जारी रखी। इस दौरान कोर्ट परिसर में वकीलों ने जिला न्यायाधीश अलवर के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। संघर्ष समिति के अध्यक्ष एडवोकेट दाताराम यादव ने बताया कि बहरोड़ सदर थाना क्षेत्र के चार गांव नारेड़ा खुर्द, अकलिमपुर, नायसराणा और निहालपुरा आजादी के समय के बहरोड़ न्यायालय के अधीन हैं। बहरोड़ में बार के चुनाव थे तो जिला न्यायाधीश ने इनको नीमराना कोर्ट के अधीन लगा दिया। मांढण थाने के आबकारी एक्ट और मोटर व्हीकल एक्ट के मामलों को एमजेएम नीमराना लगा दिया गया है। जबकि मांढण थाने के एक्ससाइज एक्ट और एमवी एक्ट के मामलों को छोड़कर सभी मामले बहरोड़ कोर्ट में रहेंगे। अधिवक्ताओं की मांग है कि इन्हें वापस बहरोड कोर्ट से जोड़ा जाए। संघर्ष समिति अध्यक्ष दाताराम यादव ने चेतावनी देते हुए कहा कि जिला न्यायाधीश का 18 दिसंबर को बहरोड़ कोर्ट में निरीक्षण है। अगर उन्होंने हमारी मांगे नहीं मानी तो हम सभी वकील मुख्य गेट पर जिला न्यायाधीश को घुसने नहीं देंगे। इसके लिए चाहे उन्हें गिरफ्तारी देनी पड़े। इससे पूर्व अभिभाषक संघ अध्यक्ष संजय यादव के नेतृत्व में सभी अधिवक्ताओं की बैठक हुई। जिसमें अनिश्चिकालीन वर्क सस्पेंड का प्रस्ताव लिया गया। इस दौरान संघर्ष समिति अध्यक्ष दाताराम यादव, हवासिंह यादव, महाराम रावत, नरपाल यादव, भूपेंद्र प्रजापत, अभिभाषक संघ सचिव विनीत यादव, कोषाध्यक्ष टिंकू खन्ना, उपाध्यक्ष करण सिंह बसवाल, पुस्तकालय अध्यक्ष रितु यादव, सरोज यादव, मीना शर्मा और संतोष देवी सहित सैकड़ों की संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।