राजस्थान में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल, 178 RAS अफसरों के तबादले
Jaipur : राजस्थान सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था में व्यापक बदलाव करते हुए शुक्रवार देर रात 178 राजस्थान प्रशासनिक सेवा (आरएएस) अधिकारियों के तबादले कर दिए। इस बड़े फेरबदल में सचिवालय से लेकर जिलों तक कई महत्वपूर्ण पदों पर नए अधिकारियों की नियुक्तियां की गई हैं। साथ ही लंबे समय से प्रतीक्षित कुछ अधिकारियों को भी नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।
तबादला सूची में एडीएम, एसडीओ, जिला परिषद सीईओ, संयुक्त सचिव, उप सचिव, रजिस्ट्रार समेत कई अहम पद शामिल हैं। सरकार ने 12 एपीओ अधिकारियों को भी नई पोस्टिंग दी है, जबकि पांच अधिकारियों के पूर्व में जारी तबादला आदेश रद्द कर दिए गए हैं।
इस फेरबदल की सबसे चर्चित नियुक्तियों में आरएएस अधिकारी पिंकी मीणा का नाम शामिल है। हाईवे घूसकांड मामले में निलंबन के बाद लंबे समय तक पदस्थापन का इंतजार कर रहीं पिंकी मीणा को अब सहायक निदेशक, लोक सेवा एवं प्रशासनिक सुधार समन्वय विभाग, सवाई माधोपुर के पद पर नियुक्त किया गया है। कोर्ट के आदेशों के बाद उनकी बहाली हुई थी और करीब साढ़े पांच साल बाद उन्हें नई जिम्मेदारी मिली है।
उधर, राजस्थान बीज निगम में हाल ही में सामने आए कथित घूसकांड के बीच निगम की प्रबंध निदेशक विनीता सिंह का तबादला कर उन्हें राजस्थान ग्रामीण आजीविका परिषद (आरजीएवीपी) का मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनाया गया है। बीज निगम की कमान अब कार्यकारी निदेशक गौरव चतुर्वेदी को सौंपी गई है। गौरतलब है कि विनीता सिंह को मई में ही निगम का एमडी नियुक्त किया गया था।
सरकार ने मंत्रियों के विशिष्ट सहायकों में भी बदलाव किया है। चर्चित आरएएस अधिकारी डॉ. विभू कौशिक को चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर का नया विशिष्ट सहायक नियुक्त किया गया है। वहीं बलवंत सिंह लिग्री को स्वास्थ्य मंत्री कार्यालय से हटाकर राजस्थान स्टेट बेवरेज कॉरपोरेशन का कार्यकारी निदेशक बनाया गया है।
इसके अलावा चंदन दुबे को पशुपालन मंत्री के विशिष्ट सहायक पद से राज्यपाल सचिवालय में उप सचिव लगाया गया है। वहीं मुकेश कुमार कलाल को पंचायती राज राज्य मंत्री ओटाराम देवासी का नया विशिष्ट सहायक नियुक्त किया गया है।
सरकार ने मई में किए गए चार अधिकारियों के तबादले भी निरस्त कर दिए हैं। इनमें नरेंद्र कुमार वर्मा, प्रवीण कुमार अग्रवाल, पुष्कर मित्तल और अरशदीप बरार शामिल हैं। इसके अलावा मोहम्मद ताहिर का सितंबर 2025 में जारी तबादला आदेश भी अब रद्द कर दिया गया है।
प्रशासनिक हलकों में इस व्यापक फेरबदल को सरकार की कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे विभिन्न विभागों और जिलों में प्रशासनिक कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।