मैन्युफैक्चरिंग में रफ्तार, जीवीए उछला—भारत की इंडस्ट्रियल ताकत बढ़ी
नई दिल्ली। नई दिल्ली से जारी आधिकारिक बयान के मुताबिक, भारत का मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर मजबूती की राह पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के आंकड़े बताते हैं कि वित्त वर्ष की पहली तिमाही में जीवीए वृद्धि दर 7.72 प्रतिशत रही, जबकि दूसरी तिमाही में यह बढ़कर 9.13 प्रतिशत हो गई।
सरकार का कहना है कि उत्पादन का झुकाव अब मध्यम और उच्च टेक्नोलॉजी सेक्टर की ओर बढ़ा है। इन इंडस्ट्रीज का कुल मैन्युफैक्चरिंग वैल्यू एडेड में 46.3 प्रतिशत योगदान है, जो गुणवत्ता आधारित उत्पादन संरचना की ओर बदलाव को दर्शाता है।
औद्योगिक गतिविधियों में तेजी का असर वैश्विक स्तर पर भी दिखा है। कॉम्पीटिटिव इंडस्ट्रियल परफॉरमेंस (CIP) इंडेक्स में भारत की रैंकिंग 2022 के 40वें स्थान से सुधरकर 2023 में 37वें स्थान पर पहुंच गई।
दिसंबर 2025 में औद्योगिक उत्पादन में 7.8 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र ने 8.1 प्रतिशत की बढ़त हासिल की। कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, मोटर वाहन, ट्रेलर और अन्य परिवहन उपकरणों में 25 से 35 प्रतिशत तक की मजबूत वृद्धि दर्ज की गई।
केंद्रीय बजट 2026-27 में निवेश, नवाचार और औद्योगिक इकोसिस्टम को मजबूती देने पर जोर दिया गया है। सरकार का मानना है कि यही रफ्तार भारत को 2047 तक 35 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य के करीब ले जाएगी।