राजस्थान में थमा मानसून, 15 जुलाई से फिर बदल सकता है मौसम
जयपुर। राजस्थान में मानसून की रफ्तार इन दिनों धीमी पड़ गई है। प्रदेश के अधिकांश इलाकों में बादलों की आवाजाही कम हो गई है और बारिश का दौर भी कमजोर बना हुआ है। इसका असर खेती के साथ-साथ तापमान पर भी दिखाई देने लगा है। मौसम विभाग का कहना है कि 15 जुलाई के बाद मानसून दोबारा सक्रिय हो सकता है, जिससे बारिश में तेजी आने की उम्मीद है।
शनिवार के लिए मौसम विभाग ने श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, झुंझुनूं, कोटपूतली-बहरोड़, अलवर, डीग, भरतपुर और धौलपुर जिलों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा 16 जुलाई तक पूर्वी राजस्थान के जयपुर, भरतपुर, कोटा और उदयपुर संभाग के कुछ क्षेत्रों में भी रुक-रुक कर बारिश होने का अनुमान है। वहीं बीकानेर संभाग के कुछ हिस्सों के साथ सिरोही, झालावाड़, बारां और उदयपुर जिले में भी कहीं-कहीं वर्षा हो सकती है।
पिछले 24 घंटे के दौरान चूरू में सबसे अधिक 25.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। झुंझुनूं के पिलानी में 10.1 मिलीमीटर और सीकर में 4 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड हुई। अलवर और श्रीगंगानगर में भी हल्की बारिश दर्ज की गई, जबकि प्रदेश के अधिकांश हिस्से सूखे रहे।
बारिश कमजोर पड़ने के कारण पश्चिमी राजस्थान में गर्मी ने फिर जोर पकड़ना शुरू कर दिया है। श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। जैसलमेर और फलोदी में 39.8 डिग्री, बीकानेर में 39.2 डिग्री और चूरू में बारिश के बावजूद अधिकतम तापमान 37.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि अगले कुछ दिनों तक बारिश सीमित रह सकती है, लेकिन 15 जुलाई के बाद मानसूनी सिस्टम मजबूत होने से प्रदेश के कई हिस्सों में अच्छी बारिश का दौर लौट सकता है। इससे किसानों को राहत मिलने के साथ तापमान में भी गिरावट आने की संभावना है।