पालिका अध्यक्ष की अर्जी खारिज, पाठक डबल बेंच में देंगे चुनौती
पुष्कर. पालिका अध्यक्ष कमल पाठक को हाईकोर्ट से झटका: निलंबन की तलवार लटकी:। पाठक देंगे डबल बेंच में चुनौती। अब देखना है की स्वायत्त शासन विभाग कितनी जल्दी एक्शन लेता है। पुष्कर नगर पालिका अध्यक्ष कमल पाठक द्वारा खुद के विरुद्ध पद के दुरुपयोग को लेकर ढाई वर्ष पूर्व राजस्थान उच्च न्यायालय में दायर रिट याचिका को माननीय उच्च न्यायालय की एकल पीठ जयपुर ने याचिका की पूर्ण सुनवाई कर दिनांक 20 मार्च 23 को निर्णय पारित कर यह कहते हुए खारिज कर दिया कि याचिका कर्ता ने अपूर्ण (अन मेच्योर) आधारों पर रिट याचिका दायर की है जो कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय केस "union of india vs kunisetty satyanarayan" air 2007 supreme court 906 में विचारणीय नही है। साथ ही माननीय न्यायालय ने अपने आदेश में याचिका कर्ता को उसके विरुद्ध पद दुरुपयोग के आरोपों को लेकर जारी कारण बताओं नोटिस में अपना पक्ष रखने की पूर्ण अधिकारिता होते हुए सीधे ही रिट याचिका दायर करना अनुचित माना है। ज्ञात हो कि उक्त मामले में पुष्कर के कांग्रेस पार्षदों ओम डोल्या , सम्रता पाराशर आदि ने पालिका अध्यक्ष कमल पाठक के विरुद्ध पद का दुरुपयोग कर बोर्ड में खुद की होटल का नक्शा पास कर लेने की माननीय मुख्यमंत्री व स्वायत्त शासन मंत्री को की गई शिकायत पर जांच कमेटी ने पालिका अध्यक्ष कमल पाठक सहित तत्कालीन अधिशाषी अधिकारी शशिकांत शर्मा को दोषी ठहराया गया था जिस पर निदेशक स्थानीय निकाय विभाग ने दोनों को पालिका एक्ट की धारा 39 के तहत पद का दुरुपयोग मानते हुए कारण बताओं नोटिस जारी किया था।पालिका अध्यक्ष कमल पाठक ने कारण बताओं नोटिस का समयावधि में जवाब न देकर सीधे ही नोटिस के विरुद्ध माननीय उच्च न्यायालय में याचिका दायर कर अंतरिम राहत ले ली थी। जिसे माननीय उच्च न्यायालय ने उक्त रिट याचिका को अन मेच्योर आधारों पर प्रस्तुत करना मानते हुए खारिज कर दिया है। उक्त आदेश के बाद अब एक बार फिर पालिका अध्यक्ष कमल पाठक के ऊपर पद दुरुपयोग को लेकर निलंबन की तलवार लटक गई है।22/03/23 । उधर कमल पाठक की ओर से अरुण वैष्णव ने बताया की वकीलों की हड़ताल के चलते यह आदेश पारित हुआ है । डबल बेंच में चुनौती दी जाएगी ।