स्वास्थ्य आंकड़ों पर घमासान, नड्डा ने कांग्रेस को घेरा
नई दिल्ली। स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर केंद्र और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि देश के स्वास्थ्य क्षेत्र में हुए बदलावों को केवल चुनिंदा आंकड़ों के आधार पर नहीं परखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, पिछले वर्षों में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में महत्वपूर्ण सुधार देखने को मिले हैं।
नड्डा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर साझा किए गए अपने बयान में कहा कि राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण के आंकड़े देश की बदलती स्वास्थ्य तस्वीर को दर्शाते हैं। उन्होंने दावा किया कि गर्भावस्था के शुरुआती चरण में पंजीकरण कराने वाली महिलाओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। साथ ही संस्थागत प्रसव और प्रशिक्षित स्वास्थ्य कर्मियों की देखरेख में होने वाले प्रसव के आंकड़े भी पहले की तुलना में काफी बेहतर हुए हैं।
केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, ये उपलब्धियां केवल सांख्यिकीय आंकड़े नहीं बल्कि उन करोड़ों महिलाओं और परिवारों की कहानी हैं जिन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि सुरक्षित मातृत्व और समय पर चिकित्सा सेवाओं की उपलब्धता में सुधार देश की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।
उन्होंने यह भी बताया कि पूर्ण टीकाकरण कवरेज और स्वास्थ्य बीमा से जुड़ने वाले लोगों की संख्या में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। महिलाओं में स्वच्छ मासिक धर्म सुरक्षा साधनों के उपयोग में भी बढ़ोतरी हुई है, जो जागरूकता और स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार को दर्शाता है।
बच्चों के पोषण से जुड़े संकेतकों का उल्लेख करते हुए नड्डा ने कहा कि कुपोषण से संबंधित स्टंटिंग की दर में कमी आई है। उनके अनुसार, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के संयुक्त प्रयासों का असर अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है।
कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य क्षेत्र में हुई सकारात्मक प्रगति को स्वीकार न करना उन लाखों आशा कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्यकर्मियों और लाभार्थियों के योगदान को कमतर आंकने जैसा है, जिन्होंने बदलाव की इस प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि स्वास्थ्य क्षेत्र में अभी कई चुनौतियां मौजूद हैं और सरकार उन्हें दूर करने के लिए लगातार काम कर रही है।