निंबाहेड़ा : नगर परिषद के संविदा कर्मियों ने आयुक्त पर लगाया आरोप
- मौखिक रूप से कार्य करने को किया मना न्यायालय के स्थगन आदेश की भी नहीं कर रहे पालना
निंबाहेड़ा। नगर परिषद में संविदा पर कार्य करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटरों आनन्द कुमार शर्मा विक्रम राव तावरे मनीष राव तावरे ने आयुक्त कौशल खटूमरा पर आरोप लगाया कि आयुक्त ने उन्हें बिना कोई लिखित आदेश दिए कार्य करने को मना कर दिया तथा उनके द्वारा इस मामले में उच्च न्यायालय जोधपुर द्वारा जारी स्थगन आदेश की पालना भी नहीं की जा रही है और नाही उनका 3 महीने से बकाया वेतन दिया जा रहा है। इसको लेकर संविदा कर्मियों ने उपनिदेशक नगर निकाय विभाग उदयपुर जिला कलेक्टर चित्तौड़गढ़ एवं नगर पालिका प्रशासक एवं उपखंड अधिकारी विकास पंचोली को भी पत्र लिखा है लेकिन फिलहाल उन्हें कोई राहत नहीं मिली । अधिकारियों को लिखें पत्र अनुसार संविदा कर्मी पिछले लगभग 8दृ9 वर्षाे से लगातार कम्प्युटर ऑपरेटर के पद पर कार्यरत है उनकी नियुक्ति वर्ष 2015 में निर्धारित मानदेय पर लिखित आदेश पर नियमानुसार हुई थी तब से ही वे समर्पण भाव से परिषद में न्यूनतम वेतन में कार्य कर राज्य सरकार एवं आयुक्त एवं अधिशाषी अधिकारी, नगरपालिका निम्बाहेड़ा हॉल नगर परिषद निम्बाहेड़ा के बताये निर्देशानुसार कार्य कर रहे है। इनको वर्ष 2015-2016 से प्रत्येक माह स्वयं के बैंक खाते में नगरपालिका हॉल नगरपरिषद द्वारा मासिक पारिश्रमिक का भुगतान किया जाता रहा है जो निरन्तर जनवरी 2025 तक इनके बैंक खाते में पालिका / परिषद द्वारा सीधे भुगतान किया गया है, परन्तु माह फरवरी, 2025 से अचानक कौशल खटूमरा आयुक्त नगरपरिषद निम्बाहेड़ा द्वारा मासिक पारिश्रमिक का भुगतान नही किया जाकर बिना कोई लिखित सूचना पत्र जारी कर, मौखिक तौर पर उन्हें नगरपरिषद में कार्य नही करने को कहा गया। जिससे व्यथित होकर संविदा कर्मियों ने उच्च न्यायालय, जोधपुर के समक्ष 21 अप्रैल 2025 को रिट याचिका दायर की। याचिका पर उच्च न्यायालय द्वारा प्रार्थीयों के पक्ष में स्थगन आदेश दिया जाकर उन्हें कार्य स्थल से नही हटाने एवं इनके स्थान पर अन्य व्यक्ति को नही बिठाने का पारित किया हुआ है । परन्तु आयुक्त द्वारा अभी तक स्थगन आदेश की पालना नही की गयी है और उनके स्थान पर ठेका कर्मियों से कार्य करवाया जा रहा है। संविदा कर्मी वर्तमान में प्रत्येक दिवस को नगरपरिषद में अपनी उपस्थिती दे रहे है परन्तु उनकी उपस्थिति पंजिका भी हटवा दी गयी है जिससे वे उपस्थिती हस्ताक्षर भी नही कर पा रहे है। स्थगन आदेश की पालना नहीं करने के मामले में प्रशासक ने कहा कि मामले में कानूनी राय ली जा रही है वहीं आयुक्त खटुमरा से फोन पर संपर्क कर जानकारी लेना चाही लेकिन उन्होंने कॉल रिसीव नहीं किया । खेर जो भी हो संविदा कर्मियों के पक्ष में न्यायालय द्वारा दिए गए स्थगन आदेश के बावजूद भी उनसे कार्य नहीं कराया जा रहा है जो यह दर्शा रहा है कि नगर परिषद आयुक्त की नजर में न्यायालय आदेश कोई मायने नहीं रखता।
इनका कहना है - स्थगन आदेश की जानकारी मिली है इसको लेकर नगर परिषद के कानूनी सलाहकारों से राय जा रही है उसके बाद कुछ कहा जा सकेगा।
-- विकास पंचोली, उपखंड अधिकारी एवं प्रशासक नगर परिषद निंबाहेड़ा।