नीति आयोग का स्पेशल कैंपेन 6.0 शुरू, अब लंबित मामलों पर फोकस
नई दिल्ली। नीति आयोग ने प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी बनाने के लिए ‘स्पेशल कैंपेन 6.0’ शुरू किया है। नए अभियान में लंबित मामलों के निपटारे के साथ सरकारी कार्यालयों में स्वच्छता, रिकॉर्ड प्रबंधन और बेहतर कार्यस्थल व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। यह कदम स्पेशल कैंपेन 5.0 के दौरान किए गए काम के बाद उठाया गया है।
स्पेशल कैंपेन 5.0 के तहत नीति आयोग और उससे जुड़ी संस्थाओं ने बड़ी संख्या में लंबित मामलों का निपटारा किया। आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, अभियान के दौरान 4,105 जन शिकायतें, 127 पीएमओ संदर्भ, 34 लोक शिकायत अपील और पांच संसदीय आश्वासन निपटाए गए।
इस अभियान में नीति आयोग के साथ डेवलपमेंट मॉनिटरिंग एंड इवैल्यूएशन ऑफिस (DMEO), अटल इनोवेशन मिशन (AIM) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ लेबर इकोनॉमिक्स रिसर्च एंड डेवलपमेंट (NILERD) ने भी भाग लिया। अभियान का मकसद शिकायतों और अन्य सरकारी संदर्भों के निस्तारण की प्रक्रिया को तेज करने के साथ कार्यालयों में बेहतर कार्य संस्कृति को बढ़ावा देना था।
रिकॉर्ड हटाने से खाली हुई जगह
अभियान के दौरान पुराने और गैर-जरूरी रिकॉर्ड की छंटाई पर भी काम हुआ। अनावश्यक फाइलों और दस्तावेजों को हटाने के साथ कार्यालय में उपलब्ध जगह का बेहतर इस्तेमाल करने की प्रक्रिया अपनाई गई। इसके परिणामस्वरूप करीब 90 वर्ग फुट कार्यालय स्थान खाली कराया गया।
वहीं, अनुपयोगी कबाड़ सामग्री की बिक्री से करीब 1.97 लाख रुपये का राजस्व भी प्राप्त हुआ। सरकार के मुताबिक, रिकॉर्ड प्रबंधन और स्पेस मैनेजमेंट से कार्यालयों को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिली।
विशेष अभियान की शुरुआत प्रशासनिक सुधार एवं लोक शिकायत विभाग (DARPG) ने वर्ष 2021 में की थी। इसका उद्देश्य सरकारी दफ्तरों में जवाबदेही, स्वच्छता और प्रशासनिक दक्षता को बढ़ावा देना है। इसके बाद से यह अभियान हर साल चलाया जा रहा है।
6.0 में इन मामलों पर रहेगा जोर
स्पेशल कैंपेन 6.0 में सांसदों से जुड़े संदर्भ, राज्य सरकारों के प्रस्ताव, अंतर-मंत्रालयी संदर्भ, संसदीय आश्वासन, पीएमओ संदर्भ, जन शिकायतें और शिकायत अपीलों के लंबित मामलों को प्राथमिकता से निपटाने की योजना है।
इसके अलावा गैर-जरूरी और अप्रासंगिक फाइलों व दस्तावेजों को हटाने का काम भी जारी रहेगा। इस चरण में कार्यालयों की समग्र स्वच्छता, जगह के बेहतर इस्तेमाल और फील्ड कार्यालयों में कर्मचारियों के कार्य अनुभव को बेहतर बनाने पर भी ध्यान दिया जाएगा।