NSE ने Augmont को बनाया साझेदार, डिजिटल होगा सोने का कारोबार
मुंबई। सोने को डिजिटल निवेश के रूप में बढ़ावा देने की दिशा में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) ने अहम कदम उठाया है। एक्सचेंज ने इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स यानी EGR को बढ़ावा देने के लिए ऑगमोंट एंटरप्राइजेज लिमिटेड की सहायक कंपनी ऑगमोंट गोल्ड टेक प्राइवेट लिमिटेड को प्रमुख साझेदार के रूप में पैनल में शामिल किया है।
इस साझेदारी का उद्देश्य EGR के निर्माण और उसे भौतिक सोने में बदलने की प्रक्रिया को आसान बनाना है। साथ ही एक्सचेंज पर EGR के कारोबार को बढ़ावा देने के लिए तकनीकी और जमीनी स्तर पर सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। इससे फिजिकल गोल्ड और डिजिटल गोल्ड रिसीट के बीच रूपांतरण की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलेगी।
ऑगमोंट गोल्ड वैल्यू चेन में अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए इस व्यवस्था के तहत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने और EGR से जुड़े उत्पादों के विकास में सहयोग करेगा। इसके जरिए नियामकीय ढांचे के भीतर रखा गया भौतिक सोना इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट में बदला जा सकेगा और जरूरत पड़ने पर EGR को वापस फिजिकल गोल्ड में परिवर्तित किया जा सकेगा।
क्या है EGR?
इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड रिसीट्स (EGR) डीमैटरियलाइज्ड प्रतिभूतियां हैं, जो भौतिक सोने के स्वामित्व को दर्शाती हैं। इनके पीछे वास्तविक सोना सुरक्षित वॉल्ट में रखा जाता है और डिपॉजिटरी के माध्यम से इलेक्ट्रॉनिक रूप में इसका स्वामित्व दर्ज होता है। प्रत्येक EGR के पीछे भौतिक सोने का समर्थन होता है और एक्सचेंज पर इनका कारोबार किया जा सकता है।
NSE के मुख्य व्यवसाय विकास अधिकारी श्रीराम कृष्णन ने साझेदारी को EGR के लिए व्यापक बाजार तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। उनके मुताबिक, NSE की तकनीकी क्षमता और ऑगमोंट की जमीनी पहुंच मिलकर देशभर में सोने से जुड़े निवेश को अधिक सुलभ बनाने में मदद कर सकती है।
वहीं, ऑगमोंट एंटरप्राइजेज के पूर्णकालिक निदेशक केतन कोठारी ने कहा कि साझेदारी में कंपनी के रिफाइनिंग, सोर्सिंग और वितरण के अनुभव के साथ NSE के मार्केट इंफ्रास्ट्रक्चर का इस्तेमाल होगा। इससे फिजिकल और इलेक्ट्रॉनिक गोल्ड के बीच लेनदेन को अधिक पारदर्शी और सुविधाजनक बनाने का लक्ष्य है।
EGR व्यवस्था छोटे निवेशकों के लिए भी सोने में कम मात्रा में निवेश और कारोबार का विकल्प उपलब्ध करा सकती है। साथ ही ज्वैलर्स और गोल्ड वैल्यू चेन से जुड़े कारोबारियों को भी इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से सोने के स्वामित्व और लेनदेन की सुविधा मिलने की उम्मीद है।