NEET पर अड़ा विपक्ष, खड़गे बोले- पहले शिक्षा मंत्री दें इस्तीफा
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में NEET परीक्षा विवाद को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं। राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने दो टूक कहा कि जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक विपक्ष इस मुद्दे पर चर्चा शुरू नहीं करेगा। उनका कहना है कि छात्रों से जुड़े इतने बड़े विवाद में जवाबदेही तय होना जरूरी है।
खड़गे ने सदन में कहा कि विपक्ष चर्चा से पीछे नहीं हट रहा, बल्कि शुरुआत से ही इस मुद्दे पर बहस चाहता है। उन्होंने सभापति से आग्रह किया कि सरकार स्पष्ट रुख अपनाए और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे पर निर्णय ले। उनका कहना था कि NEET विवाद से देशभर के हजारों छात्र और उनके परिवार मानसिक दबाव और असमंजस की स्थिति में हैं, इसलिए सरकार को उनकी चिंताओं को प्राथमिकता देनी चाहिए।
दूसरी ओर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार NEET मामले पर चर्चा के लिए पूरी तरह तैयार है। हालांकि विपक्ष का कहना है कि चर्चा से पहले सरकार को नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए शिक्षा मंत्री के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए।
विपक्ष ने सरकार से यह मांग भी रखी है कि गृह मंत्री संसद के दोनों सदनों में विस्तृत बयान दें। विपक्ष चाहता है कि छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और विपक्षी नेताओं के साथ हुई कार्रवाई के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ उठाए जाने वाले कदमों की जानकारी भी सदन में दी जाए।
NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर संसद में जारी टकराव का असर कार्यवाही पर भी साफ दिखाई दे रहा है। लगातार चौथे दिन राज्यसभा में हंगामे के कारण प्रश्नकाल और शून्यकाल की कार्यवाही सुचारु रूप से नहीं चल सकी और सदन को बार-बार स्थगित करना पड़ा।