संभाग स्तरीय कौमी एकता सम्मेलन का आयोजन
देश में इंसानियत व भाईचारा कायम रहे- धर्मवीर
टोंक। शांति एवं अहिंसा विभाग राजस्थान के तत्वाधान में एक दिवसीय संभाग स्तरीय कौमी एकता सम्मेलन का आयोजन बुधवार को जिला मुख्यालय के कृषि ऑडिटोरियम में किया गया। सम्मेलन में अधिकांश वक्ताओं ने अपने सम्बोधन में इंसानियत को कायम रखने एवं देश में भाईचारा बढ़ाने का आह्नान किया। इस मौके पर गांधीवादी विचारक धर्मवीर कटेवा ने कहा कि गांधीजी ने जीवन में साध्य की प्राप्ति के लिए उत्तम साधन की आवश्यकता पर जोर दिया। उच्च शिक्षा के संयुक्त सचिव फिरोज अख्तर ने गांधीजी के जीवन दर्शन में सर्वाधिक महत्वपूर्ण पहलू सत्य और अहिंसा पर अपने विचार व्यक्त किये। संत रामनिवास महाराज ने कहा कि सत्य की प्राप्ति सहज संभव नहीं है। इसके लिए आत्म शुद्धिकरण जरूरी है। एसीईओ मुरारी लाल शर्मा ने कहा कि मानवता से बड़ी कोई चीज़ नहीं है, भारत में सब लोग वर्षों से भाईचारें से रहते आए है, यह भाईचारा हमेशा कायम रहना चाहिए। सेवानिवृत प्रोफेसर डॉ. पीसी जैन ने कहा कि भारत देश एकता में अनेकता का अनूठा उदाहरण है। पूर्व जिला प्रमुख रामबिलास चौधरी ने कहा कि ईश्वर ने सृष्टि को बनाया, जहां कोई जाति-धर्म नहीं है। ईश्वर एक है, बस मानने वालों का तरीका अलग-अलग है। अंतरराष्ट्रीय शायर डॉ. जिया टोंकी ने मुल्क की तरक्की के लिए लोगों के बीच प्रेम एवं सदभाव की बात कही। एडवोकेट महावीर तोगड़ा ने कहा कि हमें गांधी के विचारों को अपनाना होगा। महात्मा गांधी जीवन दर्शन समिति एवं जिला शांति एवं अहिंसा प्रकोष्ठ के जिला संयोजक सुनील बंसल ने गांधी जी के संदेश को जीवन में आत्मसात करने की बात कही। ब्लॉक संयोजक विकास विजयवर्गीय ने कहा कि 81 वर्ष पूर्व राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने 9 अगस्त 1942 को भारत छोड़ो आंदोलन का शंखनाद किया था। सम्मेलन से पूर्व रोड़वेस बस स्टैण्ड स्थित गांधी वाटिका से शांति एवं अहिंसा का संदेश देती हुई रैली निकाली गई। इस मौके पर डीएमओ नितेश जैन, एड. शहाब अहमद खान, पंकज यादव, एड. एसएम सलीम नकवी, पार्षद धन्ना यादव, गीता सोलंकी, शंकर लाल चौधरी, नवीन त्रिपाठी, पं. शैलेंद्र शर्मा, कैलाश माली, दिवान गुर्जर, एड. सआदत अली नकवी एवं सुभाष मिश्रा सहित शहर के विभिन्न समाज के गणमान्य लोग मौजूद थे।