जैतश्री नंदन के जन्मोत्सव पर पूजा का आयोजन
जैसलमेर. अहिंसा का उपदेश देकर पचास हजार नूतन जैन बनाने वाले युगप्रधान जैनाचार्य का 744 वां जन्मोत्सव पर बड़ी पूजा का आयोजन किया गया जैन जगत के तृतीय दादा गुरुदेव की पूजा का आयोजन विजय सिंह कोठारी परिवार द्वारा गजरूपसागर दादावाड़ी मे किया गया पवन कोठारी द्वारा गाए गए भजन पकड़ लो हाथ ओ दादा नहीं तो डूब जाएंगे लक्ष्मी राखेचा द्वारा गाए गए लहर लहर लहराए तिरंगा झंडा जिनशासन का, कुशल गुरुदेव क्यों न देते हो दर्शन मुझे अपना व नीलम चौरड़िया द्वारा गाए गए सुमधुर भजनों ने दादावाड़ी प्रांगण को भक्ति से ओत-प्रोत कर दिया गौरतलब है कि जिन शासन के उजियारे युगप्रधान जैनाचार्य श्री जिनकुशलसूरि जैन जगत में दादा जी के नाम से विख्यात हैं इनका जन्म सिवाना में विक्रम संवत 1337 में हुआ था व स्वर्गवास देराऊर पाकिस्तान में हुआ था जैन धर्मवालंबियों में उनके प्रति अटूट गहरी आस्था है इन जैनाचार्य ने स्वर्गवास के बाद भी अपने भक्तों को प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष दर्शन देकर उनकी मनोकामना पूरी की है प्रवक्ता पवन कोठारी ने बताया कि खरतरगच्छाचार्य जिन मनोज्ञ सूरीश्वर महाराज की प्रेरणा से दादा गुरुदेव की वृहद पूजा का लाभ फूंदीबाई हरीसिंह कोठारी की स्मृति में विजय सिंह,पवन कुमार,पंकज सिंह कोठारी परिवार द्वारा लिया गया।जिन कुशल दादावाड़ी प्रांगण में सकल जैन श्री संघ जैसलमेर की साक्षी में पूजा आयोजित की गई। कार्यक्रम में गुरु चरणों एवं प्रतिमा की अष्ट प्रकारी पूजा कर गुरूदेव को पंचामृत, जल, चंदन, पुष्प, धूप, दीप, अक्षत, नैवेद्य, फल एवं वस्त्र इत्र आदि समर्पित किए गए। ध्वज पूजन में लाभार्थी परिवार द्वारा नूतन ध्वज दण्ड स्थापित कर मधु कोठारी तथा रूपल कोठारी द्वारा ध्वजा आरोहित की गई।प्रभावना का लाभ कोठारी परिवार तथा सुनीता देवी उम्मेदसिंह सिंघवी परिवार द्वारा लिया गया बालभारती महाराज ने कार्यक्रम में उपस्थित होकर आशीर्वाद प्रदान किया इस अवसर पर नेमीचंद जैन, अर्जुनसिंह भंसाली, राजेश भंसाली, शांतिलाल बंब, मनोज जिंदानी, घनिष्ठ सिंघवी, अंतरिक्ष केवलिया, किरीट व्यास, देवीसिंह, लक्ष्मी उम्मेदमल राखेचा श्रीकंवर,समधा देवी,ऊषा चौरड़िया,ऊषा बागचार,रतन जिंदानी,लक्ष्मी वीरेंद्र राखेचा,मनीषा मेहता,संतोष बाफना, चांद जिंदानी,नीलम चौरड़िया, वर्षा जैन सहित बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबी उपस्थित थे