कृषि विभाग की योजनाओं की समीक्षा बैठक का आयोजन
टोंक । जिला प्रमुख सरोज बंसल के कक्ष में कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा जिला प्रमुख द्वारा की गई । कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक के. के. मंगल द्वारा कृषि विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट से अवगत कराया गया। संयुक्त निदेशक कृषि ने बताया कि टोंक जिला वर्ष 2022-23 में कृषि विभाग की योजनाओं में जि़ले को आवंटित लक्ष्य प्राप्त करने में पूरे राज्य में प्रथम स्थान पर रहा है। कृषि विभाग का प्रयास है कि प्राप्त लक्ष्यों को शत-प्रतिशत अर्जित किया जाए । संयुक्त निदेशक ने बताया कि पिछले वर्ष 578 फार्म पॉन्ड के लक्ष्य के विपरीत इस वर्ष 1 हजार 50 फार्म पॉन्ड का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। खेतों में सिंचाई हेतु 721 किलोमीटर पाईप लाईन डालने के लक्ष्य के विरुद्ध 515 किलोमीटर के लक्ष्य प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार तारबंदी में 1 लाख 96 हजार मीटर के विपरीत इस वर्ष 13 लाख 7 हजार मीटर तारबंदी तथा 1 हजार 37 कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लक्ष्य के विरुद्ध इस वर्ष 6 हजार 955 के लक्ष्य प्राप्त हुए हैं । संयुक्त निदेशक ने बताया कि वर्ष 2023-24 में खरीफ फसल के अंतर्गत मूंगफली के लिये दो सौ पचास तथा तिल के लिए दो सौ मिनी किट के लक्ष्य प्राप्त हुए हैं । इसी प्रकार राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन - न्यूट्री सीरियल के अंतर्गत बाजरे के लिए 76 हजार 433 एवं ज्वार के लिए 1 हजार 500 मिनी किट तथा राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा मिशन-दलहन के अंतर्गत उड़द के लिए 7 हजार 850 मिनी किट वितरित करने के लक्ष्य प्राप्त हुए हैं स संयुक्त निदेशक ने बताया कि जिले में वर्तमान में 9 हजार टन यूरिया एवं 5 हजार 608 टन डीएपी खाद उपलब्ध है । उन्होंने बताया कि जिले को नेपियर ग्रास उत्पादन के लिए चुना गया है, जिसमें प्रत्येक पंचायत में से दो किसानों का चयन किया जाएगा । टोंक जिले में खजूर के पौधे लगाने के लिए भी लक्ष्य प्राप्त होने वाले हैं। जिला प्रमुख द्वारा गत वर्ष की प्रगति रिपोर्ट पर खुशी जाहिर करते हुए संयुक्त निदेशक द्वारा जिले को राज्य में प्रथम स्थान पर लाने के लिए धन्यवाद दिया गया। जिला प्रमुख ने कहा कि इस वर्ष भी कृषि विभाग की योजनाओं का खूब प्रचार प्रसार किया जाए तथा प्राप्त लक्ष्यों को शत-प्रतिशत अर्जित किया जाए । बैठक में उप-निदेशक राजेंद्र कुमार सामौता, सुगर सिंह सिंह मीणा, अरविंद कुमार जांगिड़, रामपाल शर्मा, रिपुदमन सिंह राजावत, मुकेश कुमार चौधरी, शिवजी राम यादव एवं पूर्व डीआर नरेश बंसल आदि मौजूद रहे।