अमृतकाल में युवाओं की भूमिका विषय पर संगोष्ठी का आयोजन
युवा 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लें -कुलपति प्रोफेसर राय
सीकर,मुहम्मद सादिक। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (एबीआरएसएम) राजस्थान (उच्च शिक्षा) एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय शेखावाटी विश्वविद्यालय, सीकर के संयुक्त तत्वावधान में कर्तव्य बोध दिवस पर प्रशासनिक भवन सभागार में अमृतकाल में युवाओं की भूमिका विषय पर संगोष्ठी का आयोजन किया गया। संगोष्ठी में मुख्य वक्ता डॉ ग्यारसी लाल जाट (विभाग संघचालक सीकर विभाग, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ) रहे एवं अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य (डॉ) अनिल कुमार राय ने की। संगोष्ठी की अध्यक्षता कर रहे शेखावाटी विश्वविद्यालय के कुलपति आचार्य (डॉ) अनिल कुमार राय ने कहा कि देश अब अंधकार युग से निकल कर स्वर्ण काल में प्रवेश कर चुका है। अब युवाओं को सामाजिक बुराइयों से आगे बढऩे की जरूरत है। उन्होंने सभागार में उपस्थित शिक्षकों से कहा कि धनार्जन करना शिक्षक का काम नहीं है, उनका काम समाज और राष्ट्र का निर्माण करना है। आज का युवा सतर्क है लापरवाह नहीं है, शिक्षकों की जि़म्मेदारी है कि वो उनका उचित मार्गदर्शन करे और अपने से बेहतर अपने शिष्यों को बनाने की कोशिश करें। पत्रकारिता विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर रहीम खान ने बताया कि कार्यक्रम में सभी अतिथियों का स्वागत और मंच संचालन डिप्टी रजिस्ट्रार डॉ रविंद्र कुमार कटेवा ने किया एवं धन्यवाद ज्ञापित सहायक कुलसचिव डॉ संजीव कुमार ने किया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के समस्त अधिकारियों, कार्मिकों तथा समस्त विभागों के सह आचार्य, सहायक आचार्य, छात्र छात्राओं की उपस्थिति रही।