हस्तशिल्प और एंटरप्रेन्योर को बढ़ावा देने के लिए 'पधारो म्हारे शिल्पग्राम' का उद्घाटन
जयपुर: राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) की ओर से जवाहर कला केंद्र, जयपुर के शिल्पग्राम में गुरुवार को 6 दिवसीय राष्ट्रीय हस्तशिल्प प्रदर्शनी 'पधारो म्हारे शिल्पग्राम' का उद्घाटन हुआ। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कला, साहित्य, संस्कृति, पुरातत्व एवं पर्यटन विभाग की प्रमुख शासन सचिव श्रीमती गायत्री राठौड़ रहीं, जिन्होंने फीता काटकर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। नेशनल एग्जिबिशन में देशभर के 19 राज्यों के 150 दस्तकार एवं हस्तशिल्पकार हिस्सा ले रहे हैं। प्रदर्शनी में शहरवासी 75 से अधिक स्टॉल्स पर खरीदारी कर सकेंगे। राष्ट्रीय प्रदर्शनी में प्रतिदिन सायं 6 बजे होने वाले सांस्कृतिक कार्यक्रम राजस्थानी लोक कला की छटा बिखेरेंगे, वहीं फूट स्टॉल्स पर आगंतुक विभिन्न व्यंजनों का लुत्फ उठा सकेंगे। एग्जीबिशन के पहले दिन शाम को राजस्थानी गीतों पर 'चरी नृत्य' की प्रस्तुति देकर कलाकारों सबका मन मोह लिया। प्रदर्शनी का आयोजन 21 दिसंबर से 26 दिसंबर को जेकेके के शिल्पग्राम परिसर में सुबह 11 बजे से रात 9 बजे तक है।
दस्तकारों के हुनर को मिली सराहना
कार्यक्रम के पहले दिन ही शहरवासियों का उत्साह हस्तशिल्प से जुड़ी प्रदर्शनी के लिए देखने को मिला। दिनभर लोग स्टॉल्स पर खरीदारी और प्रोडक्ट की जानकारी लेते हुए दिखाई दिए। ज्योग्राफिकल इंडिकेशन (जीआई) टैग से जुड़े 19 उत्पादों के लिए अलग से 'जीआई पवेलियन' बनाया गया है जिसमें शहर के लोग जीआई टैग प्रोडक्ट खरीद सकेंगे। इनमें जोधपुरी बंधेज, उत्तराखंड का तमता क्राफ्ट, मध्य प्रदेश की वारासिवनी सिल्क साड़ी, वाराणसी के खिलौने, नाथद्वारा की पिछवाई, सांगानेरी एवं बगरू के हैंड ब्लॉक प्रिंट, ब्लू पॉटरी, बीकानेरी कशीदाकारी व उस्ता कला, पंजाब की फुलकारी, कश्मीरी केसर, तमिलनाडु की कोविलपट्टी कादलाई मित्तई, उत्तर प्रदेश की लकड़ी की नक्काशी और बागपत बेडशीट, उदयपुर की कोफ्तगिरी, राजस्थानी कठपुतली, कोटा डोरिया साड़ी, सोजत मेहंदी और राजसमंद की मोलेला पॉटरी शामिल है। सभी स्टॉल्स पर लगे बार कोड को स्कैन कर इनके उद्गम की जानकारी मोबाइल पर जान सकेंगे।
दीप प्रज्ज्वलित कर हुई कार्यक्रम की शुरुआत
'पधारो म्हारे शिल्पग्राम' प्रदर्शनी की शुरुआत श्रीमती गायत्री राठौड़ ने दीप प्रज्जवलित कर की। उन्होंने कहा कि नाबार्ड की ओर से आयोजित इस तरह के कार्यक्रमों से हस्तशिल्प से जुड़े दस्तकारों को संबल मिलेगा। वहीं नाबार्ड, राजस्थान के प्रमुख महाप्रबंधक डॉ.राजीव सिवाच ने कहा नाबार्ड सालों से स्थानीय दस्तकारों के लिए आगे आ रहा है और 'पधारो म्हारे शिल्पग्राम' का आयोजन दस्तकारों को पर्यटन से जोड़ने की एक कोशिश है। इससे दस्तकार एंटरप्रेन्योरशिप की तरफ अग्रसर होंगे। उन्होंने कहा कि जीआई टैग से विश्वसनीय प्रोडक्ट ब्रांड बनकर सामने आएंगे जिससे गुम होती हस्तशिल्प कला को बढ़ावा मिलेगा। इससे पहले डॉ.सिवाच ने पुष्प गुच्छ और शॉल भेंट कर मुख्य अतिथि श्रीमती गायत्री राठौड़ का स्वागत किया। इस मौके पर नाबार्ड महाप्रबंधक मंजू खुराना और एसएलबीसी संयोजक हर्षद कुमार सोलंकी भी मंच पर उपस्थित रहे। कार्यक्रम में दस्तकारों ने अपनी सफलता की कहानी खुद मंच पर साझा की।
3आरएसजीएल द्वारा जामड़ोली विमंदित संस्थान में सीएसआर के तहत
धुलाई मशीन, ड्रायर, लाउण्ड्री व फ्लाई कैचर भेंट, एमडी ने किया लोकार्पण
जयपुर, 21 दिसंबर। राज्य सरकार के संयुक्त उपक्रम राजस्थान स्टेट गैस ने सीएसआर के तहत जामडोली स्थित संस्थान राजकीय बौद्धिक दिव्यांग स्कूल में विमंदित बच्चों, युवाओं, महिलाओं आदि के वस्त्रों आदि की धुलाई के लिए वस्त्र धुलाई मशीन, हाइड्रा मशीन, लॉउण्ड्री ड्रायर 30 किग्रा और 25 फ्लाईकैचर्स मशीन उपलब्ध कराई है। आरएसजीएल के प्रबंध निदेशक श्री रणवीर सिंह ने आज इन मषीनों का लोकार्पण किया।
आरएसजीएल एमडी श्री रणवीर सिंह ने बताया कि इन मशीनों से संस्थान में कपड़ों, कंबल, चादरों आदि की धुलाई योग्य सामानों की धोने, सुखाने आदि का काम हो सकेगा। उन्होंने बताया कि आरएसजीएल की शासन सचिव वित्त राजस्व श्री कृष्णाकांत पाठक की अध्यक्षता में गठित सीएसआर कमेटी की अनुशंसा पर यह कार्य कराया गया है। गौरतलब है कि राजकीय बाक्द्धिक दिव्यांग स्कूल जामडोली में विमंदित और दिव्यांगों की परवरिश की जाती है। कपड़ा धुलाई और सुखने का काम आधुनिक मशीनों से आसानी से हो सकेगा। इसके साथ फलाई केचर्स लगाने से मच्छरों से राहत मिल सकेगी।
इस अवसर पर आरएसजीएल के डीजीएम मार्केटिंग श्री विवेक रंजन, डीजीएम मानव संसाधन श्री विवेक श्रीवास्तव, सीएफओ श्री दीप्तांशु पारीक, डीएम आईटी श्री गगनदीप राजोरिया, सीएस श्री आरएस अग्रवाल, पीआर प्रभारी श्री राजेन्द्र शर्मा,संस्थान के प्रभारी श्री अजय आदि ने हिस्सा लिया।