भारत की नई पहल पर फिलिस्तीन खुश, तीन बड़ी विकास परियोजनाओं का ऐलान
नई दिल्ली। भारत की ओर से फिलिस्तीन में तीन महत्वपूर्ण विकास परियोजनाएं शुरू करने की घोषणा का वहां की सरकार और दूतावास ने गर्मजोशी से स्वागत किया है। भारत स्थित फिलिस्तीनी दूतावास ने कहा कि यह पहल दोनों देशों के बीच मानवीय सहयोग और विकास साझेदारी को नई मजबूती देगी। दूतावास के अनुसार, भारत एक विशेषज्ञ अस्पताल, कृत्रिम अंग प्रत्यारोपण एवं फिटमेंट केंद्र और एक व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान की स्थापना करेगा।
दूतावास ने बताया कि इन परियोजनाओं की प्रतिबद्धता ब्रसेल्स में आयोजित फिलिस्तीन डोनर ग्रुप की बैठक के दौरान सामने आई थी। बाद में विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने भी इस पहल की घोषणा की। यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है जब भारत संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में वर्ष 2028-29 के लिए अस्थायी सदस्यता के अपने अभियान को आगे बढ़ा रहा है।
फिलिस्तीन ने कहा कि गाजा में जारी मानवीय संकट के बीच यह सहयोग बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा। लंबे समय से संघर्ष झेल रहे इलाके में स्वास्थ्य सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हुई हैं। कई अस्पताल या तो क्षतिग्रस्त हो चुके हैं या पूरी तरह काम नहीं कर पा रहे हैं, जबकि बड़ी आबादी इलाज, दवाइयों और जरूरी चिकित्सा सुविधाओं के अभाव से जूझ रही है।
दूतावास के मुताबिक, भारत की ओर से बनने वाला विशेषज्ञ अस्पताल और कृत्रिम अंग केंद्र युद्ध से प्रभावित लोगों के उपचार और पुनर्वास में अहम भूमिका निभाएगा। वहीं व्यावसायिक प्रशिक्षण संस्थान युवाओं को रोजगार से जुड़े कौशल प्रदान करेगा, जिससे भविष्य में आर्थिक पुनर्निर्माण और आत्मनिर्भरता को भी बल मिलेगा।
फिलिस्तीन ने भारत की उस पुरानी नीति की भी सराहना की, जिसमें दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन किया जाता है। साथ ही संयुक्त राष्ट्र में फिलिस्तीन की पूर्ण सदस्यता के समर्थन और मानवीय सहायता जारी रखने की भारत की प्रतिबद्धता को भी सकारात्मक कदम बताया गया। अपने बयान में फिलिस्तीन ने भारत सरकार और भारतीय नागरिकों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच मित्रता, शांति, न्याय और अंतरराष्ट्रीय कानून के प्रति साझा सम्मान लंबे समय से कायम है।