पेट्रोल डीजल सस्ता होने का इंतजार कर रहे है लोग
लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने बड़ा फैसला करते हुए घरेलु एलपीजी सिलेंडर 100
रुपये सस्ता कर लोगों को महंगाई से राहत दी है। इससे पूर्व उज्जवला में राहत दी गई।
उज्ज्वला योजना के तहत रसोई गैस सिलिंडर पर मिलने वाली सब्सिडी 31 मार्च 2025 तक
मिलेगी। इस तरह से अगले एक वर्ष के दौरान योजना के तहत आने वाले परिवारों को 12
एलपीजी सिलेंडर 300 रुपये प्रति सिलेंडर की सब्सिडी के साथ मिलेगी। दो दिन पूर्व सीएनजी के
भाव कम हुए थे। सिलेंडर सस्ता होने के बाद अब यह सवाल उठने लगा है कि, क्या अब पेट्रोल
और डीजल भी होगा सस्ता? बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि सरकार के पास पेट्रोल-डीजल की
कीमतों में कमी करने का विकल्प भी मौजूद है। यदि वह ऐसा करती है तो इससे त्योहारी
सीजन के बीच देश के आम उपभोक्ताओं को बड़ा लाभ पहुंचाया जा सकता है। पेट्रोल और
डीजल की कीमतों में कमी का लोग बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इसी बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार
में कच्चे तेल की कीमत में उतार-चढ़ाव जारी है। ब्रेंट क्रूड 84 डॉलर और डब्ल्यूटीआई क्रूड 80
डॉलर प्रति बैरल के करीब है।
देश के चौक चौराहों और गांव गुवाड़ में लोग यह चर्चा करते मिल जायेंगे कि मोदी तेल कब सस्ता करेगा।
पिछले एक वर्ष में यह खबर कई बार आयी की अब जल्द ही तेल के दाम कम होंगे मगर लोगों की यह आश
अब तक पूरी नहीं हुई जबकि तेल कंपनियां मालामाल हो गई है। अब एक बार फिर मीडिया में यह खबर
सुखि़र्यों में है की देश के लोगों का अच्छे दिनों का इंतज़ार अब ख़त्म होने जा रहा है। तेल दस रूपये तक
सस्ता होने जा रहा है। खबरों में पहले की तरह कहा जा रहा है कि सरकारी तेल कंपनियां पेट्रोल और डीजल
के दाम घटाने पर विचार कर रही हैं। तेल कंपनियों ने अप्रैल 2022 के बाद डीजल और पेट्रोल के दाम में कोई
कटौती नहीं की है। जिसको देखते हुए तेल कंपनियों द्वारा इस मुद्दे पर चर्चा की जा रही है। अगर तेल के
दाम कम होते हैं तो यह 2024 में होने वाले लोकसभा चुनाव के पहले एक बड़ा कदम होगा।
देश में पेट्रोल और डीजल के दामों एक साल के ज्यादा समय से स्थिर हैं। रोजमर्रा की चीजों की कीमत
पेट्रोल डीजल के दामों पर सीधा असर डालती है। दुनिया में भारत सबसे बड़ी आबादी वाला देश है।
विश्लेषकों का कहना है तेल की कीमतों में खेल करके सरकार ने लाखों-करोड़ों तो कमाए हैं, साथ में तेल
कंपनियों का मुनाफा भी पिछले कुछ समय में कई गुना बढ़ गया है। लेकिन इन सबकी कीमत जनता को ही
चुकानी पड़ी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पेट्रोल डीज़ल दस रूपये तक सस्ता होने की उम्मीद है।
लगातार बढ़ती महंगाई के इस दौर में अगर आम आदमी को इतनी राहत भी मिल जाए तो वह बहुत कारगर
साबित होगी। फिलहाल राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में पेट्रोल 96.72 रुपये और डीजल 89.62 रुपये प्रति लीटर
पर बिक रहा है। वही गुलाबी नगरी जयपुर में पेट्रोल की कीमत 108.48 रुपये प्रति लीटर है, और डीजल की
कीमत 93.72 है। बताया जाता है देश में पेट्रोल-डीजल का बेस प्राइज 57 रुपए के लगभग है। लेकिन केंद्र
और राज्य सरकारें इस पर टैक्स लगाकर इसे 100 रुपए के पार पहुंचा देती हैं। इस समय पेट्रोल-डीजल पर
केंद्र सरकार 19.90 रुपए एक्साइज ड्यूटी वसूल रही है। इसके बाद राज्य सरकारें पेट्रोल-डीजल पर अपने
हिसाब से वैट और सेस वसूलकर इसे बहुत महंगा कर देती हैं। यही वजह है कि पेट्रोल-डीजल की कीमतें
इतनी ज्यादा पहुंच जाती है।
कुछ समय से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट देखी गई है। अब यह 80 डॉलर प्रति बैरल आ गया।
भारतीय कच्चे तेल की कीमत जून 2022 में 116 डॉलर प्रति बैरल पर थी। इसका मतलब है कि कच्चे तेल
की कमी का फायदा दिया जाता है तो ईंधन की कीमतों में बड़ी कमी हो सकती है। कच्चे तेल की कीमतों में
हो रही गिरावट का असर भारत पर देखने को नहीं मिल रहा है। काफी समय से पेट्रोल और डीजल की
कीमतों में कोई बदलाव नहीं हुआ है। उसके बाद गिरावट के साथ यह 80 डॉलर प्रति बैरल के करीब कारोबार
कर रहा है।
- बाल मुकुन्द ओझा