पीएम मोदी ने बताया सफलता का मंत्र, साझा किया संस्कृत सुभाषित
New Dehli : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जीवन में सफलता हासिल करने के लिए ज्ञान, विवेक और दूरदर्शिता को सबसे महत्वपूर्ण गुणों में बताया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों में ये विशेषताएं होती हैं, वे कठिन परिस्थितियों का भी मजबूती से सामना कर अपने लक्ष्य तक पहुंचने में सफल होते हैं।
शुक्रवार को प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक संस्कृत सुभाषित साझा किया। इस सुभाषित के माध्यम से उन्होंने बताया कि केवल ज्ञान ही नहीं, बल्कि सही निर्णय लेने की क्षमता, आत्मविश्वास, प्रभावशाली संवाद कौशल और समय के अनुरूप सोच भी व्यक्ति की सफलता में अहम भूमिका निभाते हैं।
प्रधानमंत्री द्वारा साझा किया गया सुभाषित है— “शास्त्रे प्रतिष्ठा सहजश्च बोधः प्रागल्भ्यमभ्यस्तगुणा च वाणी। कालानुरोधः प्रतिभानवत्त्वमेते गुणाः कामदुघाः क्रियासु॥”
इस सुभाषित का भावार्थ बताते हुए उन्होंने कहा कि किसी विषय का गहरा और प्रमाणिक ज्ञान, स्वाभाविक विवेक, निर्भीक आत्मविश्वास, अभ्यास से विकसित हुई प्रभावी वाणी, समय की जरूरत को समझने की क्षमता और निरंतर नई सोच रखने का गुण व्यक्ति के लिए कामधेनु के समान होता है। ये सभी गुण हर कार्य में सफलता प्राप्त करने और चुनौतियों को अवसर में बदलने में मदद करते हैं।
प्रधानमंत्री के इस संदेश को जीवन प्रबंधन और व्यक्तित्व विकास के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनका कहना है कि इन गुणों का समावेश व्यक्ति को न केवल पेशेवर जीवन में बल्कि व्यक्तिगत जीवन में भी बेहतर निर्णय लेने और आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करता है।