शिवसेना में बगावत पर सियासी संग्राम, कांग्रेस ने BJP पर साधा निशाना
New Dehli : महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (यूबीटी) के कुछ सांसदों की नाराजगी और संभावित दल-बदल को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस और शिवसेना (यूबीटी) नेताओं ने इस घटनाक्रम को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताते हुए भाजपा पर तीखे आरोप लगाए हैं।
कांग्रेस के मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के अध्यक्ष पवन खेड़ा ने सोमवार को कहा कि महाराष्ट्र में चल रही राजनीतिक गतिविधियों को "ऑपरेशन टाइगर" नहीं बल्कि "ऑपरेशन कीचड़" कहा जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव 2024 में अपेक्षित परिणाम नहीं मिलने के बाद भाजपा विपक्षी दलों के सांसदों को अपने साथ जोड़ने की कोशिश कर रही है।
खेड़ा ने सवाल उठाते हुए कहा कि यदि जनता ने अपना जनादेश दे दिया है तो फिर अन्य दलों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को तोड़ने की जरूरत क्यों पड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह की राजनीतिक गतिविधियां लोकतांत्रिक व्यवस्था और विपक्ष की भूमिका को कमजोर करने का प्रयास हैं।
दरअसल, शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों के पार्टी लाइन से अलग रुख अपनाने की खबरों ने राजनीतिक चर्चाओं को और तेज कर दिया है। बताया जा रहा है कि संसदीय दल की बैठक में अनुपस्थित रहे कुछ सांसदों के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के संपर्क में होने की अटकलें लगाई जा रही हैं।
वहीं, शिवसेना (यूबीटी) नेता आदित्य ठाकरे ने भी बागी रुख अपनाने वाले नेताओं पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिन नेताओं को महा विकास अघाड़ी और सहयोगी दलों के समर्थन से जनता ने चुना, वे अब उन विचारों और मूल्यों से दूर जा रहे हैं जिनके आधार पर उन्हें जनादेश मिला था।
आदित्य ठाकरे ने सोशल मीडिया पर जारी अपने संदेश में दावा किया कि कुछ नेताओं ने राजनीतिक प्रतिबद्धता की जगह व्यक्तिगत हितों को प्राथमिकता दी है। हालांकि, बागी माने जा रहे सांसदों की ओर से अभी तक इस पूरे घटनाक्रम पर कोई विस्तृत सार्वजनिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।