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संपर्क हेल्पलाइन 181 कंट्रोल रूम का आयुर्वेद विभाग के प्रमुख शासन सचिव ने किया निरीक्षण

संपर्क हेल्पलाइन 181 कंट्रोल रूम का आयुर्वेद विभाग के प्रमुख शासन सचिव ने किया निरीक्षण

समाधान पर संतुष्टि का प्रतिशत बढ़ाने तथा लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण के निर्देश

जयपुर। आयुर्वेद एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति विभाग के प्रमुख शासन सचिव सुबीर कुमार ने सोमवार को शासन सचिवालय स्थित राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम का निरीक्षण कर विभागीय प्रकरणों की विस्तृत समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों की बैठक लेकर संपर्क पोर्टल पर दर्ज मामलों के त्वरित एवं समयबद्ध निस्तारण के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आमजन की शिकायतों के समाधान में गुणवत्ता और गति दोनों सुनिश्चित की जाए। समाधान पर संतुष्टि का प्रतिशत बढ़ाने तथा मामलों के निस्तारण का औसत समय 10 दिन तक लाने के निर्देश दिए गए। साथ ही संबंधित अधिकारी-कर्मचारियों को बेहतर प्रशिक्षण देने और लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने निर्देश दिए कि शिकायतों की नियमित और प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित हो ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो। बैठक में प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, 23 मार्च 2025 से 30 मार्च 2026 तक विभाग से जुड़े कुल 1912 प्रकरण संपर्क पोर्टल पर दर्ज हुए, जिनमें से 1797 प्रकरणों का निस्तारण किया जा चुका है, जो लगभग 94 प्रतिशत है। इन मामलों के समाधान में औसतन 24 दिन का समय लगा, जबकि करीब 66 प्रतिशत परिवादियों ने समाधान पर संतुष्टि जताई। निरीक्षण के दौरान प्रमुख शासन सचिव ने कंट्रोल रूम में मौजूद रहकर स्वयं परिवादियों से सीधा संवाद भी किया। उन्होंने कोटा के वर्धा चन्द्र, बीकानेर के विजय, सवाईमाधोपुर के मंजीत मीणा, हनुमानगढ़ के प्रवेश, झुंझुनूं के रामाकस्वां, भीलवाड़ा के युगल किशोर, दौसा के डॉ. धनपत नारायण शर्मा और अजमेर के ओमप्रकाश सहित अन्य परिवादियों से बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के निर्देश दिए। उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशानुसार आमजन से जुड़ी शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए सभी विभागों के सचिव निर्धारित तिथियों पर राजस्थान संपर्क हेल्पलाइन (181) कंट्रोल रूम में उपस्थित होकर परिवादियों से सीधे संवाद कर रहे हैं। इस हेल्पलाइन के माध्यम से नागरिक घर बैठे अपनी शिकायत दर्ज कराकर शीघ्र समाधान प्राप्त कर सकते हैं। इस अवसर पर विभाग के अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

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