जलसे में मदरसे के होनहार विधार्थियों का किया सम्मान
बीदासर . कस्बे के नेक नगर स्थित मस्जिद-ए तौहीद में जमीअत अहले हदीस संस्था के तत्वावधान में मदरसा ए तौहीद का सालाना जलसा एवं प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आगाज तिलावते कुरआन से सुजानगढ़ से आएं मौलाना शौकत अली सल्फी ने किया। जिसके बाद मकराना से आएं वक्ता शेख असलम मदनी ने सुन्नत का मुकाम विषय पर प्रकाश डालते हुए पैंगबर मोहम्मद साहब के नक्शे कदमों पर चलकर जिंगदी गुजारने का आह्वान किया। दूसरी और लाडनूं से आएं वक्ता शेख अब्दुल सलाम मदनी ने कहां समाज को सही मार्ग दिखाने में उलेमाओं का बडा योगदान है। उन्होंने कहा कि सच्चाई और अच्छाई के साथ तौहीद पर रहकर जिंदगी बसर करें। दीन के साथ दुनियावी तालीम भी हासिल करें। उन्होंने कहा कि आधी रोटी खा लेना पर बच्चों को जरूर पढ़ाना। वहीं बच्चों से कहा कि अपनी पढ़ाई का अच्छा इस्तेमाल करें और दूसरों को इल्म सिखाए व इल्म हासिल करने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम के दौरान मदरसे के होनहार छात्र-छात्राओं के साथ उस्ताद तारीक अनवर का भी प्रतीक चिन्ह देकर सम्मान किया गया। इस मौके पर शेख तारीक अनवर, मस्जिद के सदर अब्दुल हमीद भुट्टा, हाजी मुस्ताक किलानियां, यासीन मुगल, अब्दुल रहमान भुट्टा, अब्दुल करीम भुट्टा, मुमताज मुगल, अब्दुल हमीद टांटिया, अब्दुल गफूर मुगल, मुंशी भुट्टा, सलीम भुट्टा, अब्दुल अजीज मुगल, रफीक भुट्टा, अब्दुल सतार मुगल, मास्टर मोहम्मद सलीम, वसीम कानूनीया, अब्दुल वाहीद, सोयब, आमीन भुट्टा, ईसराइल भुट्टा, सलमान, समद, नदीम भुट्टा, सीकन्दर भुट्टा सहित मुस्लिम समाज के अनेक लोग मौजूद थे।