कोटा : सीवरेज कनेक्शन का कार्य समय पर पूरा करें
- कचरा प्रतिदिन एकत्र हो, सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग करें अधिकारी-जिला कलक्टर
कोटा। जिला कलक्टर पीयूष समारिया ने कहा कि सीवरेज लाईन एवं हाउस कनेक्शन का कार्य प्राथमिकता के साथ तय समय पर पूरा करें। साथ ही, सीवरेज लाईन डालने के लिए खोदी गई सड़कों की मरम्मत भी समय पर की जाए जिससे आमजन को परेशानी नहीं हो। उन्होंने नगर निगम उत्तर एवं केडीए द्वारा करवाए जा रहे सीवरेज कनेक्शन समय पर पूरे करने के निर्देश दिए। श्री समारिया बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में दोनों नगर निगमों एवं केडीए के अधिकारियों के साथ सीवरेज, नालों की सफाई, कचरा संग्रहण, शमशान गृहों के विकास एवं प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि योजना आदि की समीक्षा कर रहे थे। जिला कलक्टर ने सीवरेज लाईन एवं कनेक्शन कार्य कर रही ठेकेदार फर्मों के प्रतिनिधियों से अभी तक की प्रगति एवं आगे की कार्ययोजना प्रस्तुत करने को कहा।
सीवरेज नेटवर्क से जुड़ेगा शहर का बड़ा हिस्सा- अधिकारियों ने बताया कि शहर में वर्तमान में 8 सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट संचालित हैं। आरयूआईडीपी फेज-3 के तहत अभी तक करीब 43 हजार कनेक्शन किए जा चुके हैं। अमृत-2.0 के तहत नगर निगम उत्तर द्वारा 21 हजार 800 प्रॉपर्टी कनेक्शन प्रस्तावित हैं। कोटा विकास प्राधिकरण द्वारा 56 हजार से अधिक कनेक्शन किए जाने का लक्ष्य है। सभी सीवरेज कनेक्शन का कार्य पूरा होने के बाद शहर में सवा लाख सीवरेज कनेक्शन हो जाएंगे और शहर का एक बड़ा हिस्सा सीवरेज नेटवर्क से जुड़ जाएगा।
मोबाईल ऐप से होगी सफाई व्यवस्था की मॉनिटरिंग- जिला कलक्टर ने शहर में सफाई एवं कचरा उठाने की व्यवस्था के बारे में जानकारी ली। नगर निगम उत्तर के आयुक्त ने बताया कि 70 वार्डों में टीपर के माध्यम से कचरा प्रतिदिन एकत्र कर ट्रांसफर स्टेशन पहुंचाया जाता है और वहां से नांता ट्रैंचिंग ग्राउंड में डाला जाता है। प्रतिदिन 550 टीपीडी कचरा नांता ट्रैंचिंग ग्राउंड पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि मुख्य बाजारों में रात्रिकालीन सफाई व्यवस्था शुरू की गई है। कचरा संग्रहण व्यवस्था की मॉनिटरिंग के लिए एक मोबाईल ऐप विकसित किया गया है जिसमें कोई भी नागरिक अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है और उसके निस्तारण होने का मैसेज भी उसके मोबाईल पर भेजा जाएगा। यह ऐप जल्द ही लॉन्च किया जाएगा। जिला कलक्टर ने प्रतिदिन की सफाई व्यवस्था का वरिष्ठ अधिकारी के स्तर पर निरीक्षण करने एवं सफाई हुई या नहीं इसका वेरीफिकेशन करने के निर्देश दिए।
शमशान गृहों पर बनेंगे प्रतीक्षालय, स्नानागार- जिला कलक्टर ने शमशान गृहों के विकास एवं वहां सुविधाएं विकसित करने के बारे में जानकारी ली। निगम अधिकारियों ने बताया कि नगर निगम उत्तर की ओर से अभी 10 शमशानों के विकास के लिए गुरुवार को निविदा आमंत्रित की जाएंगी। बाकी के लिए भी जल्दी ही निविदा आमंत्रित की जाएंगी। नगर निगम दक्षिण द्वारा 7 शमशान गृहों में सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इन शमशान गृहों में रिनोवेशन के साथ ही प्रतीक्षालय, शेड, बेंच, महिला एवं पुरुषों के लिए स्नानागार सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
बरसाती नालों की सफाई के बारे में पूछा- श्री समारिया ने बारिश को देखते हुए बरसाती नालों की सफाई व्यवस्था की जानकारी ली। उन्होंने निगम आयुक्तों को फील्ड में जाकर नालों की सफाई की मॉनिटरिंग करने के भी निर्देश दिए। निगम अधिकारियों ने बताया कि शहर में 126 छोटे-बड़े नाले हैं जिनमें से 87 प्रमुख बड़े नालों की सफाई ठेके पर करवाई गई। 18 नालों की सफाई मैन्युअल करवाई जा रही है। संकरी गलियों में स्थित छोटे नालों में ट्रैक्टर के माध्यम से सिल्ट निस्तारण करवाया जा रहा है।
आवारा पशुओं को पकड़ने की क्या व्यवस्था है- जिला कलक्टर ने निगम आयुक्तों से आवारा पशुओं पर लगाम कसने एवं उन्हें पकड़ने के लिए किए गए इंतजामों की जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि आवारा पशुओं को पकड़ने के बाद गौशालाओं में रखने की जगह कम पड़ने के कारण निजी गौशालाओं से भी बात की जा रही है। जिला कलक्टर ने आवारा पशुओं को पकड़ने के बाद की जा रही कार्रवाई के बारे में भी जानकारी ली और पशुपालकों से ली जाने वाली पैनल्टी के बारे में भी पूछा। सिर्फ 30 हजार रूपए की पेनल्टी एकत्र होने पर उन्होंने सवाल किया कि पशु इतने पकड़े जाते हैं तो पेनल्टी क्यों नहीं ली जा रही। जिस पर निगम अधिकारियों ने बताया कि लोग अपने पशु निगम की गाड़ियों से छुड़ाकर ले जाते हैं। पौधारोपण के लक्ष्य समय पर पूरे करें श्री समारिया ने शहर में रोड़ लाईट को लेकर आ रही शिकायतों के निस्तारण के बारे में निगम एवं केडीए अधिकारियों से जानकारी ली। नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि दोनों निगमों को मिलाकर शहर में 57 हजार स्ट्रीट लाईट्स मेंटेन की जा रही हैं। मेन्टीनेंस के लिए लोकल वेंडर्स के साथ एएमसी की गई है। जिला कलक्टर ने पीएम आवास योजना, मुख्यमंत्री शहरी रोजगार गारंटी योजना, पीएम स्वनिधि योजना एवं सीएम स्वनिधि योजना की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक पात्र व्यक्तियों को इन योजनाओं का लाभ मिले, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने हरियालो राजस्थान के तहत दोनों निगमों को दिए गए पौधारोपण के लक्ष्य समय पर पूरे करने के भी निर्देश दिए। जिला कलक्टर ने भारी बारिश को देखते हुए बाढ़ राहत एवं आपदा प्रबंधन के उपायों के बारे में पूछा। निगम अधिकारियों ने बताया कि बाढ़ नियंत्रण कक्ष शुरू किए गए हैं, जिन्हें तीन पारियों में संचालित किया जा रहा है। यहां गोताखोर, नावें, एयर कंप्रेशर सेट, लाईफ सेविंग उपकरण आदि उपलब्ध कराए गए हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष पर हर समय जेसीबी, डंपर एवं अन्य आवश्यक संसाधन तैनात रखे जा रहे हैं। किसी भी तरह की आपदा की सूचना मिलने पर टीमें तुरंत राहत एवं बचाव कार्यों में लग जाती हैं। बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर सीलिंग कृष्णा शुक्ला, नगर निगम दक्षिण आयुक्त अनुराग भार्गव, उत्तर आयुक्त अशोक त्यागी, केडीए के निदेशक तकनीकी रविंद्र माथुर, जिला प्रबन्धक एनयूएलएम हेमलता गांधी, दोनों निगमों के अभियंता एवं अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।