Dark Mode
राजस्थान में बारिश का कहर : बाढ़ जैसे हालात, स्कूल बंद और यातायात ठप

राजस्थान में बारिश का कहर : बाढ़ जैसे हालात, स्कूल बंद और यातायात ठप

जयपुर। राजस्थान के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों में भारी बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बीकानेर संभाग में मानसून ट्रफ के सक्रिय होने से शुक्रवार को जोरदार बारिश दर्ज की गई। शनिवार को भी मौसम विभाग ने पांच जिलों अलवर, करौली, भरतपुर, दौसा और धौलपुर में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया है। हनुमानगढ़ के गोलूवाला में पिछले 24 घंटों में सर्वाधिक 156 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। श्रीगंगानगर, चूरू और बीकानेर जिलों में भी एक से छह इंच तक बारिश हुई है। जयपुर में शनिवार को सुबह से ही धूप-छांव का खेल चल रहा है।

मौसम विभाग से शनिवार को प्राप्‍त जानकारी के अनुसार आगामी चार-पांच दिन मानसून ट्रफ लाइन के सामान्य से उत्तर की ओर शिफ्ट होने से राज्य के उत्तरी व उत्तर पूर्वी भागों में बारिश की गतिविधियां जारी रहने तथा दक्षिणी व दक्षिण पूर्वी भागों में भारी बारिश की गतिविधियों में कमी रहने की प्रबल संभावना है। उत्तर-पूर्वी राजस्थान के भरतपुर, जयपुर संभाग के कुछ भागों में तीन अगस्त से पुन: भारी बारिश की गतिविधियों में बढ़ोतरी होने की प्रबल संभावना है। इस दौरान चार अगस्त को भरतपुर संभाग एवं आसपास के जिलों में कहीं-कहीं अति भारी बारिश होने की संभावना है। शनिवार को बाड़मेर, जैसलमेर, बीकानेर के आसपास के क्षेत्र में अलग-अलग स्थान पर मेघ गर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश आकाशीय बिजली और कहीं-कहीं पर तेज हवा चलने की संभावना है। इधर प्रदेश में अत्यधिक बारिश को देखते हुए ग्‍यारह जिलों में शनिवार को भी स्कूलों की छुट्टियां घोषित कर दी गई हैं।

लगातार हो रही बारिश से कई जिलों में हादसे भी सामने आए हैं। शुक्रवार की रात भरतपुर जिले के भुसावर कस्बे के दीवली के बौराज गांव में एक कच्चा मकान गिरने से बुजुर्ग दंपती की मलबे में दबकर मौत हो गई। वहीं हनुमानगढ़ जिले के उदासर गांव में कच्चे मकान की छत गिरने से चार साल की बच्ची की जान चली गई। सीकर में बारिश के पानी में डूबने से एक युवक की मौत हुई। माउंट आबू में एक पर्यटक सेल्फी लेते समय खाई में गिर गया और उसकी भी जान चली गई।

भारी बारिश के कारण नदियों और बांधों में पानी का स्तर बढ़ता जा रहा है। धौलपुर में शनिवार को भी चंबल नदी उफान पर है, जिससे कई क्षेत्रों का संपर्क टूट गया है। कोटा बैराज और नवनेरा बांध के कैचमेंट एरिया में बारिश के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ा है। कोटा बैराज के दो गेट खोलकर 11,087 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। नवनेरा बांध से 12,303 क्यूसेक और बीसलपुर बांध (टोंक) से 18,030 क्यूसेक पानी की निकासी की जा रही है।

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!