राजस्थान डिजिफेस्ट टाई ग्लोबल समिट-2026, डिजिटल क्रांति से नागरिक सेवाएं बनीं त्वरित, पारदर्शी एवं प्रभावी, यूनिक प्रॉपर्टी आईडी, ई-नगर प्रणाली और आधार आधारित ई-केवाईसी से नागरिकों को मिली बा
जयपुर। जेईसीसी, सीतापुरा में आयोजित राजस्थान डिजिफेस्ट में तीसरे दिन मंगलवार को नगरीय विकास एवं आवासन मंत्री श्री झाबर सिंह खर्रा ने 'आईटी के माध्यम से शहरी शासन की पुनर्कल्पना' विषय पर प्रभावशाली संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के कुशल मार्गदर्शन एवं मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व में राजस्थान सरकार तकनीक आधारित, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित शहरी प्रशासन की दिशा में तेजी से अग्रसर है। मंत्री श्री खर्रा ने कहा कि यूनिक प्रॉपर्टी आईडी की पहल से नागरिकों को बार-बार केवाईसी कराने की बाध्यता से मुक्ति मिली है। आधार आधारित ई-केवाईसी और ई-नगर प्रणाली के माध्यम से सेवाएं अब पूरी तरह डिजिटल हो चुकी हैं, जिससे पहले मैन्युअल प्रक्रियाओं में होने वाली मानवीय त्रुटियों की संभावना लगभग समाप्त हो गई है। उन्होंने बताया कि अब पट्टों से संबंधित कार्यों के लिए नागरिकों को जयपुर विकास प्राधिकरण के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। यूडीएच मंत्री ने जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) को राज्य की सभी विकास प्राधिकरणों के लिए रोल मॉडल बताया और कहा कि जेडीए ने तकनीकी नवाचारों के माध्यम से सुशासन का प्रभावी उदाहरण प्रस्तुत किया है। निवेश के परिदृश्य पर प्रकाश डालते हुए श्री खर्रा ने कहा कि राजस्थान अब केवल एमओयू साइनिंग राज्य नहीं, बल्कि एमओयू एक्जीक्यूशन राज्य बन चुका है। यही कारण है कि निवेशकों में राज्य के प्रति विशेष विश्वास और रुचि है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में 400 से अधिक एमओयू धरातल पर उतर चुके हैं, जिनसे 37,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर मंचासीन प्रमुख अधिकारियों में श्री देबाशीष पृष्टी, प्रमुख शासन सचिव, नगरीय विकास एवं आवासन, श्री निशांत जैन, सचिव, जयपुर विकास प्राधिकरण, श्री ललित गोयल, आयुक्त, यूआईटी भीलवाड़ा तथा श्री रामजी भाई कलबी, उप आयुक्त, जोधपुर विकास प्राधिकरण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान सरकार की आईटी आधारित पहलों ने शहरी शासन को अधिक पारदर्शी, कुशल और नागरिकों के अनुकूल बनाया है तथा यह मॉडल आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों के लिए भी प्रेरणास्रोत बनेगा।